बड़ा हादसा टला! चंदौली के अमड़ा बिजली उपकेंद्र तक पहुँची पराली की आग, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू, देखें वीडियो...
चन्दौली: जनपद के 33/11 केवी अमड़ा विद्युत उपकेंद्र परिसर में शनिवार की रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पास के खेतों से उठी आग की लपटें फीडर तक पहुँच गईं। गनीमत रही कि सूचना मिलते ही रैथा फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँच गई, जिससे करोड़ों की सरकारी संपत्ति जलने से बच गई।
तेज हवाओं ने बढ़ाई आग की रफ्तार
मिली जानकारी के अनुसार, उपकेंद्र के आसपास के खेतों में किसानों द्वारा गेहूं की पराली (ठूंठ) जलाई गई थी। शनिवार रात करीब 11 बजे चली तेज हवाओं के कारण पराली की आग बेकाबू हो गई और धीरे-धीरे उपकेंद्र परिसर की ओर बढ़ने लगी। देखते ही देखते आग फीडर के बेहद करीब पहुँच गई।
बिजली कर्मियों ने किया बचाव का प्रयास
आग को बढ़ता देख ड्यूटी पर तैनात एसएसओ सत्येंद्र तिवारी, सहायक अमन यादव और प्रियांशु सिंह ने तुरंत मोर्चा संभाला। कर्मियों ने हैंडपंप के पानी से आग को रोकने की कोशिश की, लेकिन लपटें विकराल होने के कारण वे सफल नहीं हो सके। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया।
फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही अग्निशमन प्रभारी प्रमोद कुमार कनौजिया के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुँची। फायर सर्विस की टीम ने 'वाटर मिस्ट पंप' का उपयोग करते हुए स्टारवेशन और कूलिंग विधि से आग को बुझाना शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने आग को फीडर और ट्रांसफार्मर तक पहुँचने से पहले ही पूरी तरह शांत कर दिया।
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सुरक्षित रहा उपकेंद्र
अग्निशमन प्रभारी ने बताया कि समय रहते सूचना मिलने और त्वरित कार्रवाई के कारण उपकेंद्र को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं हुई है। यदि आग मशीनों तक पहुँच जाती, तो बड़ी आबादी की बिजली आपूर्ति लंबे समय के लिए ठप हो सकती थी। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में चालक लालबाबू यादव और कांस्टेबल यशवंत यादव ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
