कमलापति त्रिपाठी की जयंती पर बोले ललितेश पति त्रिपाठी- 2027 में बदलाव का इतिहास लिखेगा चंदौली
चंदौली। पूर्व मुख्यमंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी की 121वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में उनके प्रपौत्र और पूर्व विधायक ललितेश पति त्रिपाठी पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के चंदौली से जुड़े राजनीतिक और विकास कार्यों को याद करते हुए कहा कि करीब नौ दशक बाद भी उनके परदादा के विकास कार्यों की छाप क्षेत्र की जनता के बीच कायम है।
ललितेश पति त्रिपाठी ने कहा कि चंदौली की जनता के साथ उनका पारिवारिक रिश्ता है और वह कहीं भी रहें, यहां के लोगों से उनका संबंध हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि कमलापति त्रिपाठी ने क्षेत्र के विकास के लिए जो काम कराए थे, उन्हें कई इंजन की सरकारें भी पूरी तरह मिटा नहीं सकीं।

उन्होंने चंदौली में पुराने बांधों और सिंचाई परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जिन बांधों के निर्माण में दशकों पहले ईंटें लगाई गई थीं, वे आज भी मौजूद हैं। उनका आरोप था कि मौजूदा भाजपा शासन में कई स्थानों पर शिलान्यास, लोकार्पण और फिर ध्वस्तीकरण की स्थिति देखने को मिल रही है।
2027 के चुनाव को लेकर किया बड़ा दावा
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर ललितेश पति त्रिपाठी ने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश में बदलाव का इतिहास लिखेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के पूर्वी छोर चंदौली से बदलाव की बयार शुरू होगी।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का गठबंधन 2027 में भाजपा को उत्तर प्रदेश से और 2029 में केंद्र की सत्ता से हटाने के लिए मिलकर काम करेगा। हालांकि चुनावी समीकरणों और राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर अंतिम तस्वीर चुनाव के समय ही स्पष्ट होगी।
टीएमसी सांसदों के भाजपा में जाने पर भी साधा निशाना
टीएमसी से जुड़े सांसदों के भाजपा में जाने के सवाल पर भी ललितेश पति त्रिपाठी ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चर्चा सांसदों के बिकने की नहीं, बल्कि लोकतंत्र की हत्या करने वाले खरीददारों की होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों को तोड़ने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है।
समारोह में कमलापति त्रिपाठी के राजनीतिक जीवन और चंदौली के विकास में उनके योगदान को याद किया गया। इस दौरान उनके विचारों और क्षेत्र से जुड़े पुराने विकास कार्यों की भी चर्चा हुई।
