कमालपुर ग्राम प्रधान सुदामा जायसवाल का निधन, विकास कार्यों के लिए हमेशा किए जाएंगे याद
चंदौली। धानापुर विकास खंड के कमालपुर ग्राम सभा के ग्राम प्रधान सुदामा जायसवाल के असामयिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। वाराणसी के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। वह लगभग 40 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे।
जानकारी के अनुसार, सुदामा जायसवाल को लीवर संबंधी बीमारी और संक्रमण की शिकायत थी। प्रारंभिक उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ था, लेकिन बाद में स्वास्थ्य फिर बिगड़ने पर उन्हें वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
बुधवार को नरौली गंगा घाट पर पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुखाग्नि उनके बड़े भाई श्याम जायसवाल ने दी।
जनप्रिय प्रधान के रूप में थी पहचान
ग्रामीणों के अनुसार सुदामा जायसवाल अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और जनसेवा के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखते थे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान गांव में कई विकास कार्यों को आगे बढ़ाया और आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा सक्रिय रहे।
उनके निधन की खबर फैलते ही कमालपुर सहित आसपास के गांवों में शोक का माहौल बन गया। लोगों ने कहा कि क्षेत्र ने एक ऐसे जनप्रतिनिधि को खो दिया है, जो हमेशा जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनता और समाधान का प्रयास करता था।

अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
अंतिम संस्कार में ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह, प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश सिंह, विधायक प्रतिनिधि अन्नू सिंह, मंडल अध्यक्ष रमेश द्विवेदी समेत अनेक जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
परिवार में उनकी पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
