कमलापति त्रिपाठी ने चंदौली को दिलाई ‘धान के कटोरे’ की पहचान- मनोज सिंह डब्लू
चंदौली। सैयदराजा के पूर्व विधायक एवं सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू ने गुरुवार को पंडित कमलापति पार्क में आयोजित जयंती समारोह में पहुंचकर पंडित कमलापति त्रिपाठी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और चंदौली के विकास में उनके योगदान को याद किया।
मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि पंडित कमलापति त्रिपाठी ने चंदौली की तस्वीर बदलने के लिए दूरदर्शी फैसले लिए। उन्होंने किसानों की समस्याओं को समझते हुए क्षेत्र में नहरों का विस्तार कराया, जिससे कृषि व्यवस्था को मजबूती मिली और चंदौली को ‘धान के कटोरे’ के रूप में पहचान मिली। उन्होंने कहा कि जिले का किसान आज भी उनके योगदान को याद करता है।

पूर्व विधायक ने कहा कि कमलापति त्रिपाठी ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया। उनके प्रयासों से जिले में शिक्षण संस्थानों के साथ प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना को बढ़ावा मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकारें उनके समय में शुरू की गई विकास योजनाओं और संस्थानों को उचित तरीके से आगे नहीं बढ़ा पा रही हैं।

मनोज सिंह डब्लू ने चंदौली पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि कमलापति त्रिपाठी द्वारा स्थापित यह संस्थान आज उपेक्षा का शिकार है। उन्होंने कहा कि जिले के विकास में जिन संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, उनकी स्थिति सुधारने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि चंदौली की आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने में रेलवे नेटवर्क की स्थापना का भी बड़ा योगदान रहा। मुगलसराय में रेलवे के बड़े नेटवर्क को विकसित करने के पीछे कमलापति त्रिपाठी की दूरदर्शिता थी। रेलवे के विस्तार से चंदौली, वाराणसी और पूरे पूर्वांचल में व्यापार और आवागमन को मजबूती मिली।
पूर्व विधायक ने कहा कि वाराणसी को पूर्वांचल के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की सोच कमलापति त्रिपाठी की दूरदर्शी नीति का हिस्सा थी। उनके व्यक्तित्व और कार्यों से आज की पीढ़ी को प्रेरणा लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनके बताए विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
