कर्मनाशा में पानी कम होते ही बढ़ा चोरी का डर, ग्रामीणों ने की रात्रि गश्त की मांग
चंदौली/कंदवा। गर्मी के मौसम में कर्मनाशा नदी का जलस्तर घटने के साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी में पानी कम होने से उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच पैदल आवाजाही आसान हो गई है, जिससे तस्करी और चोरी जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ने लगी है। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों का कहना है कि इस स्थिति से क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है और लोगों को चोरी की घटनाओं का डर सताने लगा है।
कर्मनाशा नदी के तट पर कंदवा थाना क्षेत्र के चारी, चिरईगांव, दैथा, मुड्डा, धनाईतपुर पोखरा, अरंगी, अदसड़, ककरैत, करती और ओयरचक समेत कई गांव स्थित हैं। ग्रामीणों के अनुसार नदी में पानी कम होने के कारण तस्कर और असामाजिक तत्व आसानी से नदी पार कर एक राज्य से दूसरे राज्य में आ-जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अरंगी, चारी और चिरईगांव समेत कई क्षेत्रों में शराब, पशु और गांजा तस्करी की गतिविधियां बढ़ गई हैं। वहीं पूर्व में चिरईगांव स्थित रेहणा भगवती मंदिर में कई बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा धनाईतपुर गांव निवासी उदया सिंह समेत अन्य लोगों के यहां भी चोरी की वारदातें हो चुकी हैं, जिनमें चोर नदी के रास्ते आए और घटना को अंजाम देकर फरार हो गए।
ग्रामीणों का कहना है कि एक बार पुलिस ने छापेमारी भी की थी, लेकिन आरोपी नदी के रास्ते बिहार की ओर भाग निकले थे। ऐसे में एक बार फिर नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में चोरी और आपराधिक घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मृत्युंजय सिंह, अमित सिंह, ओमप्रकाश और गुड्डू सहित कई ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने की मांग की है।
इस संबंध में कंदवा थाना प्रभारी राजीव मल्ल ने कहा कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
