गंगा कटान से परेशान किसानों का धरना पांचवें दिन भी जारी, अधिकारियों के आश्वासन पर नहीं माने किसान
चंदौली/धानापुर। चंदौली जिले के धानापुर विकासखंड क्षेत्र स्थित गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा नदी के लगातार हो रहे कटान से प्रभावित किसानों का अनिश्चितकालीन धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। करीब चार दशक से गंगा कटान की समस्या झेल रहे किसान अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं और स्थायी समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
धरना स्थल पर पांचवें दिन बंधा डिवीजन के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र आजाद पहुंचे। उन्होंने किसानों से वार्ता करते हुए दो दिनों के भीतर कटान रोकने संबंधी कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया तथा धरना समाप्त करने का अनुरोध किया। हालांकि किसानों ने केवल आश्वासन पर भरोसा करने से इनकार कर दिया और अपनी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने का निर्णय लिया।

भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष दीनानाथ श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि गंगा कटान रोकने के नाम पर पूर्व में कई बार बोल्डर लगाए गए, लेकिन कार्य में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के कारण कोई स्थायी लाभ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मानकों के अनुरूप कार्य नहीं होने से किसानों की उपजाऊ भूमि लगातार गंगा में समाती जा रही है। उन्होंने सरकार पर किसानों की समस्याओं के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
वहीं अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष श्रवण कुशवाहा ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि सरकार किसानों की हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन धरातल पर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने बोल्डर लगाने के कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग की।
किसानों ने कटान प्रभावित क्षेत्र में जेसीबी मशीनों से कराए जा रहे कार्यों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि स्थानीय मजदूरों को रोजगार देने के बजाय मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे श्रमिकों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
धरना स्थल पर किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज यादव, अविनाश सिंह, पारसनाथ विश्वकर्मा, छोटू यादव, सिल्लू यादव, रामअवध सिंह यादव, राजेंद्र यादव, धर्मेंद्र यादव समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक गंगा कटान से स्थायी सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्य शुरू नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
