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बिना दहेज हुई शादी, जिला पंचायत सदस्य ने किया कन्यादान... चंदौली के इस धाम से समाज को मिला बड़ा संदेश

बिना दहेज हुई शादी, जिला पंचायत सदस्य ने किया कन्यादान... चंदौली के इस धाम से समाज को मिला बड़ा संदेश 

सिद्धपीठ धाम खड़ान में संपन्न हुआ दहेज मुक्त विवाह, जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने किया कन्यादान गरीब और असहाय परिवारों के लिए मिसाल बना 

चंदौली। जिले के धानापुर क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ धाम खड़ान में एक बार फिर दहेज मुक्त विवाह का आयोजन कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया गया। इस अवसर पर नेगुरा गांव निवासी श्यामबिहारी राम एवं मजीरा देवी की पुत्री खुशी का विवाह चंदौली के छित्तोपुर निवासी सूरज कुमार के साथ वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया।

विवाह समारोह की विशेष बात यह रही कि इसमें किसी प्रकार का दहेज नहीं लिया गया। सामाजिक समरसता और सादगी के साथ संपन्न हुए इस विवाह में जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने कन्यादान कर नवदंपति को आशीर्वाद दिया।

यह आयोजन सिद्धपीठ धाम खड़ान स्थित श्री श्री 1008 परमहंस बाबा प्रसन्नदास जी महाराज की तपोभूमि एवं समाधि स्थल पर हुआ। यह धाम वर्षों से गरीब, जरूरतमंद और असहाय परिवारों की बेटियों के विवाह का केंद्र बना हुआ है। यहां प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं और समाजसेवियों के सहयोग से विवाह एवं अन्य धार्मिक संस्कार आयोजित किए जाते हैं।

यह आयोजन सिद्धपीठ धाम खड़ान स्थित श्री श्री 1008 परमहंस बाबा प्रसन्नदास जी महाराज की तपोभूमि एवं समाधि स्थल पर हुआ। यह धाम वर्षों से गरीब, जरूरतमंद और असहाय परिवारों की बेटियों के विवाह का केंद्र बना हुआ है। यहां प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं और समाजसेवियों के सहयोग से विवाह एवं अन्य धार्मिक संस्कार आयोजित किए जाते हैं।

जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2007 में बाबा धाम में प्रतिवर्ष पांच गरीब कन्याओं का विवाह कराने का संकल्प लिया था। तभी से यह सेवा कार्य लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि कन्यादान भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा पुण्य कार्य माना जाता है और जरूरतमंद परिवारों की मदद करना समाज का दायित्व है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2009-10 में तत्कालीन विधायक सुशील सिंह के सहयोग से यहां 56 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया था। इसके अलावा विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह ने भी वर्षों तक ऐसे आयोजनों में सहयोग प्रदान किया है। समाजसेवा और जनसहयोग की यह परंपरा आज भी निरंतर जारी है।

समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। राधे मौर्या, हरिचरण गोंड, सदानंद खरवार, बबलू राम, परदेशी, शैलेन्द्र सिंह सहित सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने नवविवाहित जोड़े को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।

सिद्धपीठ धाम खड़ान में आयोजित यह दहेज मुक्त विवाह समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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