धोखाधड़ी और पॉक्सो एक्ट मामले में आरोपी को जमानत, विशेष न्यायालय ने सुनाया आदेश
चंदौली। जनपद चंदौली के थाना बबुरी क्षेत्र से जुड़े धोखाधड़ी एवं पॉक्सो एक्ट के एक मामले में विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) के न्यायाधीश विकास वर्मा की अदालत ने आरोपी सूरज गुप्ता की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।
न्यायालय ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके तथा समान राशि की दो विश्वसनीय जमानतदारियों पर रिहा किए जाने का आदेश दिया। मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता संदीप रघुवंशी ने पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 25 अप्रैल 2026 को उसका विवाह सूरज गुप्ता से हुआ। विवाह के बाद उसे जानकारी मिली कि आरोपी पहले से दो विवाह कर चुका है और उसने यह तथ्य उससे छिपाया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इस कथित धोखाधड़ी के कारण उसे मानसिक, सामाजिक और आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
साथ ही आरोपी पर शारीरिक शोषण तथा जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए, जिसके आधार पर थाना बबुरी में संबंधित धाराओं एवं पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता संदीप रघुवंशी ने अदालत को बताया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने दलील दी कि सूरज गुप्ता का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है तथा वह 29 जून 2026 से वाराणसी जेल में निरुद्ध है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि प्राथमिकी विलंब से दर्ज कराई गई और पारिवारिक विवाद के चलते मनगढ़ंत आरोप लगाए गए हैं।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने आरोपी की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत ने निर्धारित शर्तों के साथ आरोपी को रिहा किए जाने का आदेश दिया।
नोट: जमानत दिया जाना आरोपों से बरी किया जाना नहीं होता। मामले का परीक्षण न्यायालय में जारी रहेगा और अंतिम निर्णय साक्ष्यों एवं सुनवाई के आधार पर होगा।
