Chandauli News: कद्दू वर्गीय सब्जियों में ‘गुमोसिस’ रोग का प्रकोप, जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को जारी की एडवाइजरी
चंदौली। जनपद में गर्मी के मौसम में उगाई जा रही कद्दू वर्गीय सब्जियों में ‘गुमोसिस’ अथवा गमी स्टेम ब्लाइट नामक फफूंद जनित रोग का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने कीट एवं रोग सर्वेक्षण के दौरान इसकी पुष्टि करते हुए किसानों को सतर्क रहने और बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
उन्होंने बताया कि यह रोग डिडिमेला ब्रायोनिया नामक कवक के कारण होता है, जो लौकी, तोरई, करेला, खीरा, कद्दू, तरबूज और खरबूजा जैसी फसलों को प्रभावित कर रहा है। जनपद के कई किसानों की फसलों में इसके लक्षण पाए गए हैं।
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार इस रोग की पहचान पौधों के तने, शाखाओं या मुख्य तने के निचले हिस्से में दरार पड़ने से की जा सकती है। इन दरारों से भूरे रंग का चिपचिपा पदार्थ निकलता है, जो बाद में सूखकर गहरे भूरे या काले रंग का हो जाता है।
इसके अलावा तनों और पत्तियों पर धब्बे दिखाई देने लगते हैं। रोग बढ़ने पर प्रभावित शाखाएं और पूरा पौधा मुरझाकर सूख सकता है। वहीं फल सड़ने लगते हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने किसानों को सलाह दी कि प्रभावित एवं सड़े हुए फलों को इकट्ठा कर खेत से बाहर निकालकर मिट्टी में गहराई तक दबा दें, ताकि संक्रमण का फैलाव रोका जा सके।
उन्होंने बताया कि बुवाई के समय ब्लॉक स्थित राजकीय कृषि रक्षा इकाइयों से प्राप्त ट्राइकोडर्मा की प्रभावी प्रजाति को 5 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से 250 किलोग्राम अच्छी सड़ी गोबर की खाद में मिलाकर खेत में प्रयोग करना चाहिए।
इसके साथ ही खेत की मिट्टी को अच्छी तरह भिगोकर 0.1 प्रतिशत कार्बेन्डाज़िम का छिड़काव करने की भी सलाह दी गई है। कृषि विभाग का कहना है कि समय रहते इन उपायों को अपनाने से रोग के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है और फसल को बचाया जा सकता है।
