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चंदौली में जनगणना-2027 की तैयारी तेज, 16 नवंबर से घर बैठे खुद भर सकेंगे परिवारों का ब्योरा

चंदौली में भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत 16 से 30 नवंबर तक ऑनलाइन स्व-गणना होगी। 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।
30 नवंबर तक चलेगी स्व-गणना की प्रक्रिया, 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक, प्रशासन ने पत्रकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से मांगा सहयोग

 

चंदौली। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण को लेकर चंदौली जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस चरण में नागरिकों को घर बैठे ऑनलाइन स्व-गणना करने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है। वहीं, 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना का कार्य करेंगे।

जनगणना अभियान की तैयारियों और व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर गुरुवार, 5 नवंबर को जिला मुख्यालय पर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार ने की।

 

इसमें जिले के पत्रकारों, डिजिटल मीडिया संगठनों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने हिस्सा लिया। बैठक का संचालन जनगणना के जिला प्रभारी मनोज कुमार सिंह कुशवाहा ने किया।

इसके बाद 1 दिसंबर से प्रगणक घर-घर पहुंचकर जनगणना की जानकारी एकत्र करेंगे। प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्व-गणना के दौरान प्राप्त आईडी को सुरक्षित रखें और घर पहुंचने वाले प्रगणक को उपलब्ध कराएं। जो लोग ऑनलाइन स्व-गणना नहीं कर पाएंगे, वे प्रगणक को उत्तर प्रदेश शासन की ओर से अधिसूचित 40 प्रश्नों के अनुसार सही जानकारी दे सकेंगे।

बैठक में बताया गया कि नागरिक 16 नवंबर से 30 नवंबर के बीच जनगणना के नागरिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपनी स्व-गणना कर सकेंगे। इस प्रक्रिया के तहत परिवार के सदस्य निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से अपने घर और परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।

 

इसके बाद 1 दिसंबर से प्रगणक घर-घर पहुंचकर जनगणना की जानकारी एकत्र करेंगे। प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्व-गणना के दौरान प्राप्त आईडी को सुरक्षित रखें और घर पहुंचने वाले प्रगणक को उपलब्ध कराएं। जो लोग ऑनलाइन स्व-गणना नहीं कर पाएंगे, वे प्रगणक को उत्तर प्रदेश शासन की ओर से अधिसूचित 40 प्रश्नों के अनुसार सही जानकारी दे सकेंगे।

इसके बाद 1 दिसंबर से प्रगणक घर-घर पहुंचकर जनगणना की जानकारी एकत्र करेंगे। प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्व-गणना के दौरान प्राप्त आईडी को सुरक्षित रखें और घर पहुंचने वाले प्रगणक को उपलब्ध कराएं। जो लोग ऑनलाइन स्व-गणना नहीं कर पाएंगे, वे प्रगणक को उत्तर प्रदेश शासन की ओर से अधिसूचित 40 प्रश्नों के अनुसार सही जानकारी दे सकेंगे।

 

बैठक में जनगणना के दूसरे चरण की उपयोगिता और इसमें आम नागरिकों की भागीदारी के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि जनगणना से जुड़ी जानकारी प्रत्येक परिवार तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि निर्धारित समय में यह कार्य व्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सके।

बैठक में जनगणना के दूसरे चरण की उपयोगिता और इसमें आम नागरिकों की भागीदारी के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि जनगणना से जुड़ी जानकारी प्रत्येक परिवार तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि निर्धारित समय में यह कार्य व्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सके।

इसके लिए पत्रकारों, डिजिटल मीडिया संस्थानों, स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और व्हाट्सएप समूहों के संचालकों से अभियान का प्रचार-प्रसार करने की अपील की गई। प्रशासन का प्रयास है कि ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया और प्रगणकों के घर पहुंचने की तारीखों को लेकर लोगों के बीच किसी तरह का भ्रम न रहे।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से निर्धारित समय के भीतर स्व-गणना करने और प्रगणकों को सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है।

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