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चंदौली में बीसी सखियों ने उठाई हक की आवाज, आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

चंदौली में बीसी सखियों ने उठाई हक की आवाज, आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

चंदौली। जिले में बैंकिंग सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं बीसी सखियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रशासन का रुख किया। बीसी सखियों ने आठ सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपते हुए लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान कराने समेत कई मांगें उठाईं।

बीसी सखियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने के बावजूद उन्हें कई स्तरों पर आर्थिक और तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने रुका हुआ मानदेय जल्द जारी करने के साथ ₹20 हजार प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने की मांग की।

ज्ञापन में बीसी सखियों को राष्ट्रीयकृत बैंकों से जोड़ने और उनके कार्य के एवज में मिलने वाले कमीशन की व्यवस्था को स्पष्ट करने की मांग भी शामिल रही। उनका कहना है कि कमीशन और भुगतान की व्यवस्था पारदर्शी होने से कार्य करने में आने वाली परेशानियां कम होंगी।

बीसी सखियों ने मांगा ₹20 लाख का बीमा कवर

बीसी सखियों ने अपने और परिवार की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगें भी प्रशासन के सामने रखीं। उन्होंने आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने, साथ ही ₹20 लाख का बीमा कवर दिए जाने की मांग की। इसके अलावा ₹75 हजार तक कर्ज माफी की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई है।

बीसी सखियों ने अपने और परिवार की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगें भी प्रशासन के सामने रखीं। उन्होंने आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने, साथ ही ₹20 लाख का बीमा कवर दिए जाने की मांग की। इसके अलावा ₹75 हजार तक कर्ज माफी की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई है।

आधार संशोधन का काम देने की मांग

बीसी सखियों ने आधार से जुड़े कार्यों को लेकर भी अपनी मांग रखी। उन्होंने आधार संशोधन का कार्य बीसी सखियों को दिए जाने की मांग की। इसके साथ ही वर्तमान में इस्तेमाल की जा रही मशीनों के स्थान पर लैपटॉप उपलब्ध कराने की मांग की गई है, जिससे डिजिटल बैंकिंग और अन्य ऑनलाइन सेवाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी

बीसी सखियों ने प्रशासन से अपनी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई की अपील की है। उनका कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशभर की बीसी सखियां बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी।

बीसी सखियों के मुताबिक, उनकी मांगें केवल मानदेय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने और उन्हें बेहतर कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराने से भी जुड़ी हैं।

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