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बृजभूषण शरण सिंह और संजय निषाद पहुंचे श्रीराम कथा में, हेलीकॉप्टर देखने जुटे हजारों लोग

बृजभूषण शरण सिंह और संजय निषाद पहुंचे श्रीराम कथा में, हेलीकॉप्टर देखने जुटे हजारों लोग

चंदौली। जिले के धानापुर स्थित विजय दशमी पोखरा पर आयोजित श्रीराम कथा का शनिवार को समापन हुआ। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कथा के अंतिम दिन पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह और नौगढ़ ब्लॉक प्रमुख सुजीत सिंह समेत कई भाजपा नेता पहुंचे।

 

20 अक्टूबर से चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा स्थल पर धार्मिक माहौल बना रहा और लोगों ने राजन जी महाराज के प्रवचनों को सुनकर आध्यात्मिक लाभ लिया। आयोजन को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे।

 

बृजभूषण शरण सिंह और संजय निषाद पहुंचे श्रीराम कथा में, हेलीकॉप्टर देखने जुटे हजारों लोग

 

हेलीकॉप्टर आने की चर्चा के बीच उमड़ी भीड़

कार्यक्रम में दो हेलीकॉप्टर आने की संभावना को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह था। इसके लिए आयोजन स्थल पर दो हेलीपैड भी तैयार कराए गए थे। हेलीकॉप्टर देखने की उम्मीद में हजारों लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। हालांकि, हेलीकॉप्टर आने का कार्यक्रम रद्द होने की खबर मिलने के बाद लोगों को निराशा हुई।

बृजभूषण शरण सिंह और संजय निषाद पहुंचे श्रीराम कथा में, हेलीकॉप्टर देखने जुटे हजारों लोग

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था

कार्यक्रम में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ स्वयंसेवकों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह की ओर से 400 से अधिक वॉलंटियर लगाए गए थे, जो श्रद्धालुओं को बैठाने, आवागमन व्यवस्थित रखने और भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे रहे।

बृजभूषण शरण सिंह और संजय निषाद पहुंचे श्रीराम कथा में, हेलीकॉप्टर देखने जुटे हजारों लोग

भंडारे में देसी घी की पूड़ी-सब्जी और बुनिया का प्रसाद

श्रीराम कथा के समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। आयोजकों के अनुसार, अब तक 15 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर चुके थे। भंडारे में देसी घी से तैयार पूड़ी, सब्जी और बुनिया वितरित की गई। भोजन तैयार करने के लिए 400 से अधिक कारीगर लगाए गए थे। आयोजन में श्रद्धालुओं की सुविधा और भोजन वितरण की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

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