चंदौली में मानदेय बढ़ाने को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार कर बुलंद की आवाज
सीएमओ कार्यालय पर सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने दिया धरना, 20 हजार रुपये मानदेय की मांग को लेकर लगाए नारे
चंदौली। मानदेय बढ़ाने समेत अपनी पांच प्रमुख मांगों को लेकर शुक्रवार को चंदौली में आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर सैकड़ों की संख्या में पहुंचीं आशा कार्यकर्ताओं ने धरना देकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कार्य बहिष्कार करते हुए मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने “2 हजार में दम नहीं, 20 हजार से कम नहीं” का नारा लगाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बावजूद उन्हें मिलने वाला मानदेय उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। इसी को लेकर उन्होंने मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने की मांग उठाई।

सीएमओ कार्यालय परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी पांच प्रमुख मांगों को पूरा करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
आशा कार्यकर्ताओं के इस प्रदर्शन से जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों की मांगों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आशा कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने तथा विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सहयोग करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

प्रदर्शन के दौरान कार्य बहिष्कार किए जाने की बात भी सामने आई। हालांकि, इसका स्वास्थ्य सेवाओं पर कितना प्रभाव पड़ा, इस संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। वहीं, आशा कार्यकर्ताओं की पांचों मांगों का पूरा विवरण और विभागीय अधिकारियों की प्रतिक्रिया भी फिलहाल सामने नहीं आई है।
आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही। अब उनकी मांगों पर स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
