भूख पीड़ितों के लिए वरदान बनेगा अनाज बैंक, विश्व के पहले अनाज बैंक की चन्दौली शाखा का शुभारम्भ
Grain bank will become a boon for hunger victims, Chandauli branch of world's first grain bank inaugurated

मुसहर परिवार के लिए अनाज बैंक का स्थायी बंदोबस्त। विश्व का अनोखा अनाज बैंक, जहाँ अनाज जमा करने वालों को मिलता है अनोखा ब्याज। दो तरह के खाताधारक बनाये जाते हैं, जमा और निकासी। 5 किलो अनाज जमा कर खाता खुलवा सकते हैं। निकासी खाता धारकों को सर्वे के आधार पर साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक अनाज दिया जाएगा।   दिव्यांग, विधवा, तलाकशुदा, 70 वर्षीय वृद्धा को प्राथमिकता दी जाएगी।


चन्दौली। विश्व के पहले अनाज बैंक की स्थापना विशाल भारत संस्थान द्वारा 13 अक्टूबर 2015 को काशी में की गई थी। अनाज बैंक भूख पीड़ितों की मदद के लिए एक संगठित वैज्ञानिक मॉडल बना।

 

 

जिसकी यूनाइटेड नेशन की संस्था फूड एग्रीकल्चरल ऑर्गेनाइजेशन (FAO) ने भी प्रशंसा की थी। अनाज बैंक ने वाराणसी में कोरोना काल मे 100 दिनों तक 1 लाख से अधिक लोगों की अनाज और भोजन देकर मदद की।


अनाज बैंक ने चन्दौली के बाबू तूफानी सिंह महाविद्यालय परिसर में अपनी शाखा स्थापित की। अनाज बैंक की खासियत है कि यह भूख पीड़ित परिवारों की मदद अनाज उपलब्ध कराकर करता है । अनाज बैंक का नारा है “कोई भी भूखा न सोए…”।


अनाज बैंक में दो तरह के खाताधारक होते है। पहले जमा खाताधारक जो 5 किलो अनाज जमा कर, 2 फोटो, आधार कार्ड देकर अपना खाता खुलवा सकते हैं। अधिकतम चाहे जितना भी जमा करें।

जमा खाता धारकों को 5 से 10 किलो अनाज जमा करने पर ब्याज के रूप में संतोष प्राप्त होता है। 10 से 20 किलो जमा करने पर दुआ मिलती है। 20 से 50 किलो जमा करने पर पुण्य प्राप्त होता है और उससे अधिक जमा करते रहने पर मोक्ष की गारंटी मिल जाती है।

अनाज के रूप में आटा, चावल, दाल, नमक, चना, मटर, तेल, सब्जी इत्यादि जमा कर सकते हैं। अनाज बैंक में किसी भी तरह का पैसे का लेन-देन नहीं होता है। जमा खाताधारकों को अनाज बैंक पासबुक जारी करता है।


दूसरे निकासी खाताधारक होते हैं। जिनका सर्वे के आधार पर अनाज बैंक में खाता खोलकर जरूरत के आधार पर अनाज उपलब्ध कराया जाता है। सप्ताह या माह में 5 किलो अनाज वितरित किया जाता है।

निकासी खाता खोलने के लिए 2 फोटो, आधारकार्ड एवं परिचयकर्त्ता की जरूरत होती है। निकासी खाता खोलने में विधवा, तलाकशुदा, 70 वर्षीय वृद्धा, दिव्यांग को प्राथमिकता दी जाती है।

अनाज बैंक दान नहीं देता, बल्कि भूख पीड़ित परिवार को भोजन के अधिकार की गारंटी देता है। अनाज बैंक निकासी खाताधारकों को भी पासबुक जारी करता है, जिसमें उनको मिलने वाले अनाज की मात्रा, तारीख, लेने वाले का वजन आदि अंकित रहता है।

अनाज बैंक भूख पीड़ित परिवार की महिलाओं का ही खाता खोलता है। चन्दौली के बाबू तूफानी सिंह महाविद्यालय परिसर में विशाल भारत संस्थान द्वारा संचालित अनाज बैंक का शुभारम्भ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं अनाज बैंक के मार्गदर्शक इन्द्रेश कुमार ने नारियल फोड़कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।


बाबू तूफानी सिंह महाविद्यालय में इन्द्रेश कुमार का भव्य स्वागत किया गया। इंद्रेश कुमार ने 100 मुसहर परिवारों की महिलाओं को अनाज बैंक का पासबुक एवं अनाज देकर भूख से मुक्ति की गारंटी दी। 


मुसहर परिवार के लोगों के खुशी का ठिकाना नहीं था जब उनको अनाज बैंक का पासबुक देकर स्थायी बंदोबस्त की घोषणा की गई। कभी फांकाकशी करने वाला परिवार और उनके बच्चे आश्वस्त हो गए कि उनको अब कभी भूखे नहीं सोना पड़ेगा।

अनाज बैंक से मुसहर परिवारों को भूख से मुक्ति की गारंटी मिलने के बाद सभी खुश थे। शुभारम्भ करने के बाद इन्द्रेश कुमार ने कहा कि भूख वैश्विक समस्या है। दुनियां की सभी समस्याओं को स्थगित किया जा सकता है लेकिन भूख को नहीं।

भूख पीड़ितों की सेवा मानवीय मानदण्डों का सबसे उच्चतम आदर्श है।   अनाज बैंक भूख पीड़ितों के लिए एक आदर्श मॉडल है, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति के भूख की चिंता की जाती है।

कभी–कभी बहुत लोग परिस्थिति जन्य भूख के शिकार हो जाते हैं, उनको भी अनाज बैंक का सहारा मिल सकता है। 


अनाज बैंक के अन्तर्राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ० राजीव श्रीगुरूजी ने कहा कि अनाज बैंक का संकल्प है कि कोई भी भूखा न सोए। जिस क्षेत्र में भूख पीडितों की संख्या मिलेगी, अनाज बैंक वहां स्थापित किया जाएगा।

अनाज बैंक भूख पीड़ितों की सेवा के लिए हमेशा तैयार है। देश पर कोई भी आपदा आती है तो अनाज बैंक पूरी तरह सरकार की मदद करता है। यह भारत का गैर सरकारी संगठित मॉडल है जो भूख पीड़ित परिवारों के बच्चों को भूख से तड़पते नहीं देख सकता।


अनाज बैंक के शुभारम्भ के अवसर पर भूख एक वैश्विक समस्या विषयक संगोष्ठी भी आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन अनाज बैंक की प्रबंध निदेशक अर्चना भारतवंशी ने किया एवं धन्यवाद बाबू तूफानी सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक अजय कुमार सिंह ने दिया। 


कार्यक्रम में विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ० निरंजन श्रीवास्तव, चन्दौली के जिला चेयरमैन दीपक आर्य, वाराणसी के जिला चेयरमैन सूरज चौधरी, मऊ के  जिला चेयरमैन मृत्युंजय यादव, अनाज बैंक के डिप्टी चेयरमैन ज्ञानप्रकाश जी,

अनाज बैंक की निदेशक नाज़नीन अंसारी, भारतीय अवाम पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नजमा परवीन, वाराणसी के जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश पाण्डेय,जन सहयोग संस्थान के अध्यक्ष अजीत कुमार सोनी, ओ०पी़ सिंह, धनंजय यादव, इली भारतवंशी, खुशी भारतवंशी, उजाला भारतवंशी, दिलीप सिंह, राजकुमार आदि लोगों ने भाग लिया।

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