जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुनील कुमार चतुर्थ ने राजकीय हाईस्कूल के छात्रों को किया जागरूक
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुनील कुमार चतुर्थ ने राजकीय हाईस्कूल के छात्रों को किया जागरूक

प्राधिकरण चन्दौली सुनील कुमार चतुर्थ के अनुमती के पश्चात जनपद न्यायालय मे राजकीय हाई स्कूल पैतुआ चन्दौली के एस०पी०सी० के छात्र/छात्राओं के द्वारा सम्पूर्ण न्यायालय का भ्रमण किया गया।


उक्त भ्रमण के दौरान छात्र/छात्राओं को पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चन्दौली संदीप कुमार के द्वारा सर्विकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) से बचाव के बारे में बताया। शासन की तरफ से प्रारंभिक दौर से ही शिक्षा के उपर कई प्रकार की योजनाओ का संचालन हो रहा है उन सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक अभिवावक अपने बच्चो को दिलाना चाहिए।

साथ ही सचिव ने बच्चों का ध्यान यौन शोषण से बचाव की तरफ अकर्शित करते हुए बालिकाओं को बताया कि समाज व अन्य जगहो पर आप अपना ध्यान रखते हुए सतर्क व सावधान रहें क्यों कि आज माहौल इतना खराब हो चुका है कि आप अपनी सुरक्षा स्वयं से करें। यदि आपको कही भी अपनी सुरक्षा में कमी दीखती है आप सरकार की तरफ से महिलाओ की सुरक्षा के लिए 1090, 112 डायल, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सेवाए संचालित है। जिसका लाभ ले सकते है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुनील कुमार चतुर्थ ने राजकीय हाईस्कूल के छात्रों को किया जागरूक


पूर्णकालिक सचिव संदीप कुमार द्वारा तहसील सभागार चन्दौली में उपस्थित सभी छात्र/छात्राओ को घरेलु हिंसा अधिनियम, गुजारा भत्ता की मांग कानून एवं 12.11.2022 राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में बताया। सचिव महोदय ने बताया कि जो महिला किसी भी तरह की हिंसा, विधवा पेंशन व उत्पीड़न आदि की समस्या से पीड़ित है, उनको निःशुल्क न्यायिक प्रक्रिया से न्याय मिलेगा। इस पर महोदय ने एक लाईन महिलाओ को सुनाया न्याय चला निर्धन के द्वार के उदेश्य से कार्य होगा।

साथ ही सचिव महोदय ने महिलाओं के कानूनी अधिकार के बारे में विस्तृत रुप से बताया कि समान वेतन का अधिकार में पारिश्रमिक अधिनियम के अनुसार वेतन या मजदूरी को लिंग के आधार पर किसी के साथ भी भेद भाव नही किया जा सकता, काम पर हुए उत्पीड़न के खिलाफ अधिकार काम पर हुए यौन उत्पीड़न अधिनियम के अनुसार आपको यौन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत दर्ज करने का पूरा अधिकार है, नाम न छापने का अधिकार यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को नाम न छापने देने का अधिकार है। 


अपनी गोपनीयता की रक्षा करने के लिए यौन उत्पीड़न की शिकार हुई महिला अकेले अपना बयान किसी महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में या फिर जिलाधिकारी के सामने दर्ज करा सकती है, साथ ही उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में लगने वाले वादों के बारे मे भी जानकरी दी।

उन्होने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 12.11.2022 मे निम्न लिखित वादों मोटर दुर्घटना प्रतिकार दाण्डिक वादों धारा138 एन.आई. एक्ट, बैंक रिकवरी, श्रमिक वाद, जल एवं गृहकर वाद विद्युत बिल, राजस्व वाद वैवाहिक वाद, भुमि अधिग्रहण वाद व अन्य सिविल वादों का निस्तारण सुलह समझौते एवं संस्वीकृत के आधार पर किया जयेगा। उक्त शिविर में राजकीय हाई स्कूल पैतुआ चन्दौली के प्रधानाचार्य व अध्यापिका भी उपस्थित थी।

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