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Chandauli news: माँ के मरने के बाद भी एक साल तक पारिवारिक पेंशन उठाता रहा रेलकर्मी, नगर पालिका की मिलीभगत से बनवाया फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र
Chandauli news: माँ के मरने के बाद भी एक साल तक पारिवारिक पेंशन उठाता रहा रेलकर्मी, नगर पालिका की मिलीभगत से बनवाया फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र

चंदौली। नगर पालिका परिषद पीडीडीयू नगर में कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र (death certificate) जारी करने का मामला प्रकाश में आया है। डीडीयू रेल मंडल में गार्ड (मेल एक्सप्रेस ) के पद पर नियुक्त हरेन्द्र प्रसाद पुत्र-स्व०-देव शरण प्रसाद के द्वारा माँ की मौत (10/01/2017) के बाद भी एक वर्ष तक पारिवारिक पेंशन उठाता रहा।

 

 

बाद में जब जीवित प्रमाण पत्र जमा करने की बारी आई तो नगर पालिका परिषद पीडीडीयू नगर से मृत्यु के एक वर्ष बाद का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा कर पोस्ट विभाग में जमा कर दिया। जबकि महिला का बिहार राज्य से पहले ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हो चुका है। मृतका के पौत्र सुनील कुमार ने लिखित तौर पर इसकी शिकायत कर चाचा (हरेन्द्र प्रसाद) और नगर पालिका कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


बिहार निवासी स्व०-देव शरण प्रसाद डीडीयू रेल मंडल में रेलकर्मी थे। उनकी मृत्यु के बाद पत्नी संपत्ति देवी को पारिवारिक पेंशन मिलती थी। वर्ष 2017 में 84 वर्ष की अवस्था में संपत्ति देवी की पैत्रिक निवास स्थान ग्राम चैनपुर थाना आदापुर जिला पूर्वी चम्पारण बिहार में मृत्यु (10/01/2017) को हो गई थी। योजना और विकास विभाग ग्राम पंचायत राज भावनीपुर के रजिस्टार (जन्म- मृत्यु) की ओर से मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया।

लेकिन मृतका का मंझीला बेटा हरेन्द्र प्रसाद जो वर्तमान में रेलवे डीडीयू मंडल में बतौर मेल एक्सप्रेस गार्ड पद पर नियुक्त है फर्जी तरीके से माँ का पारिवारिक पेंशन मृत्यु के बाद भी निकालता रहा। उसने कई माह पेंशन की रकम निकाली।

जब विभाग में जीवित प्रमाण पत्र जमा करने को बारी आई तो नगर पालिका परिषद पीडीडीयू नगर के कर्मचारियों से मिलीभगत कर एक वर्ष वाद यानी 2018 का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर डाक विभाग में जमा कर दिया। अब जाकर जब मृतका के पौत्र सुनील कुमार को RTI द्वारा इसकी जानकारी हुई तो पैरों तले जमीन खिसक गई।

उसने ईओ से मिलकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि ईओ साहब अभी तक मामले को दबाए बैठे है।

पुलिस झण्डा दिवस पर अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन ने पुलिस लाइन में ध्वजा रोहण कर शुभकामनाएं दी

वाराणसी। आज का दिन उ.प्र. पुलिस बल के लिए बहुत ही गौरवशाली व ऐतिहासिक दिन है। कहानियाँ व्यक्तित्व को स्थापित करती हैं तथा इतिहास एक संगठन को बनाता है। आज ही के दिन 23 नवम्बर सन् 1952 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जी द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस को 'पुलिस कलर'(ध्वज) प्रदान किया गया था।

यह ध्वज जहाँ हमारे चरित्र को दर्शाता है वहीं हमारे गौरवशाली इतिहास का प्रतीक भी है। जिससे हमने देश सेवा एवं लोक सेवा में अपने कौशल,शौर्य व कर्तव्यपरायणता से अप्रतिम योगदान दिया है। यह ध्वज हमारे लिए प्रेरणादायी है तथा इस ध्वज के फहराने मात्र से हम सभी में एक नई ऊर्जा का संचार होता है।


उत्तर प्रदेश पुलिस का यह ध्वज हमें पुलिस धर्म को निभाने की प्रेरणा देता है। हम सद्जनों की रक्षा एवं दुष्टता का नाश करने हेतु वर्दीधारण करते हैं हमारे अप्रतिम योगदान के फलस्वरूप ही हमें यह ध्वज प्रदान किया गया है, जो हम सबके लिए गर्व की बात है उ0प्र0पुलिस पूरे भारतवर्ष का प्रथम राज्य पुलिस बल है जिसे सर्वप्रथम पुलिस ध्वज प्रदान किया गया था।


आज दिनांक 23/11/2022 को "पुलिस झंडा दिवस" के अवसर पर पुलिस लाइन चन्दौली प्रांगण में अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन श्री सुखराम भारती द्वारा पुलिस ध्वज का रोहण व सलामी के उपरान्त सभी पुलिसकर्मियों द्वारा जनसेवा एवं राष्ट्रसेवा में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए सभी को इस गौरवशाली दिन के लिए हार्दिक बधाईयाॅ तथा शुभकामनाएँ दी गई साथ ही उन्होंने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में आप अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से करते हुए।

इस झण्डे और पुलिस विभाग का मान-सम्मान बनाए रखेंगे। श्री देवेन्द्र सिंह चौहान पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 द्वारा पुलिस विभाग के समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों हेतु भेजे गये शुभकांमना संदेश को पढ़ कर सुनाया गया। जनपद के समस्त थानों व पुलिस कार्यालयों पर भी पुलिस कलर के ध्वज को फहराया और शुभकामना संदेश पढ़ कर सुनाया गया।

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