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दर्जनों लग्जरी वाहन से चंदौली पहुंचे बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह
दर्जनों लग्जरी वाहन से चंदौली पहुंचे बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह

चंदौली जौनपुर के बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह मंगलवार को चंदौली पहुंचे पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि देने आए धनंजय सिंह के साथ दर्जनों वाहनों का काफिला था। 

 

 

 कई गाड़ियों पर बीजेपी का झंडा लगा था धनंजय सिंह खुद जदयू के प्रदेश महासचिव है कुछ दिन पूर्व प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह से भी मुलाकात की थी ऐसे में धनंजय सिंह के बीजेपी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। वही धनंजय सिंह ने कयासों को पूरी तरह से विराम लगाते हुए कहा कि राजनीति में किसी से मिलना गलत है क्या कहा मैं जदयू में हूं और नीतीश कुमार पार्टी को मजबूत करने में लगा हूं धनंजय सिंह का उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया।


धनंजय सिंह ने चंदौली आने की वजह बताई और कहा कि पूर्व प्रमुख स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह के साथ विगत 30 वर्षों का सहायता परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह से मुलाकात की बात पर कहा कि फोटो सहित किसी तरह का कयास मत लगाइए जदयू का सिपाही हूं प्रदेश में पार्टी को मजबूती दे रहा हूं। मौके पर सुरजीत सिंह रिंकू,अमित सिंह, अनुज सिंह,धीरज सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।

डेंगू वॉर्ड के बाद भी नहीं मिल रही सुविधाएं, बाहर जा रहे मरीज

चंदौली। जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए करीब तीन माह पहले ही 10 बेड का डेंगू वार्ड तो बना दिया गया लेकिन सुविधाएं नदारद हैं। न तो यहां डेंगू जांच की व्यवस्था है और न ही प्लेट्लेट्स चढ़ाने की। ऐसे में मरीजों को मजबूरी में इलाज के लिए दूसरी जगह जाना पड़ता है।

वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अक्तूबर माह में मिले 25 डेंगू मरीजों का यहां इलाज किया जा चुका है, सभी स्वस्थ हैं। मुख्यालय स्थित पं. कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल में प्रतिदिन हजारों की ओपीडी होती है। इससे मलेरिया और डेंगू से पीड़ित मरीज भी आते हैं। डेंगू के प्राथमिक लक्षण के आधार पर उनका इलाज किया जाता है।

लेकिन थोड़ी स्थिति भी खराब होती है, उन्हें किसी दूसरी जगह जाना पड़ता है। जिला अस्पताल में प्लेट्लेट्स चढ़ाने और डेंगू जांच की व्यवस्था नहीं है। सुुविधाएं नहीं होेने से हर माह औसतन 10 मरीज बीएचयू रेफर किए जाते हैं। जिला अस्पताल में भर्ती धोरी कोट गांव निवासी आशा ने बताया कि जिला अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण बाहर इलाज कराने के लिए जाना पड़ रहा है।

तीमारदारों ने आरोप लगाया कि समय से दवा भी नहीं मिलती है। इससे बाहर इलाज कराने को मजबूर हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ उर्मिला सिंह ने कहा कि पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय में अलग से डेंगू वार्ड बनाया गया है। यहां पर अब तक 25 मरीजों का इलाज किया गया है जो सभी स्वस्थ हैं। दवाओं की कोई कमी नहीं है। सभी दवाएं और सुविधाएं उपलब्ध हैं।

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