चंदौली में आसान होगा सफर, भारतमाला परियोजना में 6.90 किमी अतिरिक्त सर्विस रोड का प्रस्ताव
चंदौली। जिले में निर्माणाधीन भारतमाला परियोजना से जुड़े स्थानीय आवागमन को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों और किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की संशोधित डीपीआर में 6.90 किलोमीटर अतिरिक्त सर्विस रोड का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
इससे हाईवे परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले स्थानीय आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सांसद के सवाल पर NHAI ने दी जानकारी
चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने परियोजना के दौरान ग्रामीणों और किसानों के आवागमन से जुड़ी समस्याओं को लेकर मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि पर्याप्त सर्विस रोड और अंडरपास की व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय लोगों और किसानों को परेशानी हो सकती है।
इसके जवाब में NHAI की ओर से बताया गया कि स्वीकृत डीपीआर और कंसेशन एग्रीमेंट में पहले से करीब 2.30 किलोमीटर सर्विस रोड का प्रावधान किया गया था।
अब स्थानीय जरूरतों को देखते हुए संशोधित डीपीआर में 6.90 किलोमीटर अतिरिक्त सर्विस रोड का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
किसानों और ग्रामीणों के लिए कई संरचनाओं का प्रावधान
NHAI के अनुसार परियोजना में किसानों, ग्रामीणों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए कई तरह की संरचनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इनमें 74 बॉक्स कल्वर्ट, 14 अंडरपास, दो मेजर ब्रिज-कम-अंडरपास और 12 माइनर ब्रिज-कम-अंडरपास शामिल हैं।
इसके अलावा स्थानीय यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए एलिवेटेड वायाडक्ट, एलवीयूपी, वीपीयू, मेजर ब्रिज, बॉक्स कल्वर्ट और फ्लाईओवर का भी प्रावधान किया गया है।
अतिरिक्त सर्विस रोड से क्या होगा फायदा?
6.90 किलोमीटर अतिरिक्त सर्विस रोड बनने से स्थानीय लोगों को मुख्य हाईवे पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। गांवों, खेतों और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन को आसान बनाने के साथ ही किसानों को अपनी जमीन तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के दौरान स्थानीय यातायात को बाधित न होने देने के लिए विभिन्न स्थानों पर आवश्यक संरचनाओं का प्रावधान किए जाने की बात NHAI ने कही है।
गुणवत्ता की निगरानी के लिए स्वतंत्र अभियंता
NHAI के मुताबिक भारतमाला परियोजना का निर्माण सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी के लिए स्वतंत्र अभियंता नियुक्त किया गया है, जो लगातार निर्माण कार्य का मूल्यांकन करता है।
यदि निर्माण में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
समस्या सामने आने पर होगा स्थल निरीक्षण
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्माण के दौरान या परियोजना पूरी होने के बाद यदि किसानों या स्थानीय निवासियों की सुविधा से जुड़ी कोई वास्तविक समस्या सामने आती है तो उसका स्थल निरीक्षण कराया जाएगा।
स्वतंत्र अभियंता और NHAI के अधिकारी मौके पर समस्या का परीक्षण करेंगे और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल 6.90 किलोमीटर अतिरिक्त सर्विस रोड का प्रस्ताव चंदौली के ग्रामीण इलाकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अमल में आने के बाद भारतमाला परियोजना के साथ स्थानीय आवागमन को बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
