×

Ayodhya News: रामकथा पार्क में दर्शकों को दिखी "राम प्रेयसी गाथा

Ayodhya News: रामकथा पार्क में दर्शकों को दिखी "राम प्रेयसी गाथा 

Ayodhya News: रामकथा पार्क में दर्शकों को दिखी "राम प्रेयसी गाथा 


रामकथा पार्क में उत्तराखंड से पंजाब के लोकरंग की धूम/कथक,छाऊ,भरतनाट्यम से सजी राम प्रेयसी गाथा

रामकथा पार्क में रामोत्सव की धूम मची हुई है। अपराह्न सत्र में कथा व्यास द्वारा मानस प्रसंगों के बाद सांस्कृतिक संध्या में डा. आशुतोष नौटियाल के दल ने उत्तराखंड के लोक नृत्यों से रामजी की आराधना की।

देवभूमि से आए कलाकारों ने जुग जुग जिएसु ललनवा पर लोक नृत्य प्रस्तुत करके रामलला को प्रणाम किया इसके बाद छपेली लोक नृत्य में उत्तराखंड की पोशाक में किया गया लोक नृत्य जिसमें लड़का और लड़की एक दूसरे को नृत्य के माध्यम से आकर्षित करने का प्रयास करते हैं उसने सभी को मोह लिया ।

गाढो गुलबंद इस लोक नृत्य में महिलाएं रतजगा करके अपने सास ससुर और परिवार के वरिष्ठ सदस्यों की नकल करके अपना मनोरंजन करते हैं।इस प्रस्तुति को देखकर सभी के चेहरे पर सहज मुस्कान दौड़ गई । चैता की चैताली की प्रस्तुति ने भगवान श्री राम के चरणों में इन कलाकारों की आराधना को स्वीकार किया।

https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-2953008738960898" crossorigin="anonymous">


स्वाति डांस फाउंडेशन नई दिल्ली के कलाकार श्रीराम शुक्ला और स्वाति सिसोदिया ने राम प्रेयसी गाथा नृत्य नाटिका के माध्यम से पंचवटी से लेकर रावण वध तक के दृश्य का मंचन सिर्फ संगीत और नृत्य के माध्यम से किया। कथक भरतनाट्यम और छाऊ नृत्य शैली  के माध्यम से भगवती सीता और राम के जीवन प्रसंग ने सभी को स्तब्ध कर दिया ।

Ayodhya News: रामकथा पार्क में दर्शकों को दिखी

कलाकारो का अभिनय,नृत्य,ध्वनि और प्रकाश के सुंदर संतुलन से पूरा मंच सभी को सम्मोहित कर रहा था।इस सम्मोहन से निकालकर लाए पंजाब के मनप्रीत सिंह और उनका दल जिसने सभी को मस्ती और उल्लास के वातावरण में दोबारा ला दिया। उन्होंने मंच से पारंपरिक भांगड़ा और उसके बाद जुगनी पर नृत्य करके, अपनी रंगीन वेशभूषा और लाठियां के सहारे किए गए जोशीले नृत्य से सभी को उत्साहित कर दिया । दर्शक भंगड़े की ढोल पर थिरकने से अपने को रोक नहीं पा रहे थे।


नृत्य के बाद गायन की तरफ लेकर गई शिप्रा चंद्रा जिन्होंने सुंदर मीठे भजन प्रस्तुत किए। चलो अवध नगरिया सजा है गाकर अयोध्या की प्रसन्नता को बताया । वर्तमान समय में अयोध्या के उल्लास और जनभावनाओं को व्यक्त करते हुए गाया बजे अयोध्या बधाई देखो आज जन्मे रघुराई। शिप्रा के लोकगीतों पर लोक नृत्य जया कुमारी प्रगति मिश्रा और अंशिका तिवारी शिवांगी शुक्ला ने प्रस्तुत किया।

लखनऊ से आई बेहद गुणी कलाकार और लोक कला सम्मान से विभूषित निधि श्रीवास्तव और उनके दल ने लोक नृत्य की शैली में संवादों के सहारे रघुवीर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की । जिसमें राम जन्म से लेकर सीता स्वयंवर और राम रावण युद्ध तक के प्रसंग शामिल थे। सीता जी के स्वयंवर का दृश्य सभी को बेहद प्रभावित कर गया।

कलाकारो के पद संचालन और लयात्मकता ने सभी को प्रभावित किया।इसके बाद मंच पर आए अनीश रावत और उनके साथी कलाकारों ने शुद्ध कथक की धमार में प्रस्तुति दी । राम स्तुति और फिर सरगम में निबद्ध कथक से समापन किया। कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक देश दीपक मिश्रा ने प्रभावी अंदाज में किया।

अंतर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान अयोध्या की निदेशक डॉक्टर लव कुश द्विवेदी ने कलाकारों का सम्मान स्मृति चिन्ह प्रदान करके दिया ।इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वय अतुल कुमार सिंह, शिवांश त्रिवेदी , दिवास्मिता, हितेश गंगानी, दीप सिंह धर्मेंद्र सिंह, गुरदीप सिंह वर्तिका मौर्य , गोविंद चौधरी समेत भारी संख्या में दर्शन और संतजन उपस्थित रहे।

Share this story