शासन एवं स्वास्थ्य मंत्री के काफी प्रयास के बावजूद भी ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य केंद्रों की हालत में सुधार नहीं
शासन एवं स्वास्थ्य मंत्री के काफी प्रयास के बावजूद भी ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य केंद्रों की हालत में सुधार नहीं 

अयोध्या। कारगिल शहीद के नाम पर स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोछा में क्षेत्रीय लोगों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को सुबह 10 बजे के बाद अस्पताल में कोई चिकित्सक और फार्मासिस्ट ना होने से दवा उपचार कराने आए कई मरीजों को बैरंग वापस लौटना पड़ा। ना तो उन्हें अस्पताल से दवा मिली और ना ही रजिस्ट्रेशन पर्चा बनाया गया।

मौके पर ड्यूटी के दौरान सिर्फ वार्ड बॉय मोहम्मद रईस ही मौजूद मिले। उनके द्वारा लोगों को समझा-बुझाकर वापस भेजा गया। अस्पताल में सुबह करीब 10:30 बजे पेट की समस्या से परेशान विकासखंड के मजरूद्दीन पुर निवासी बुजुर्गों गंगा प्रसाद पांडेय दवा लेने साइकिल से पहुंचे। कुछ देर तक इंतजार करने के बाद दवा ना मिलने पर निराश होकर वापस लौट गए।

इसी दौरान आंख में जलन और खुजलहट से पीड़ित सराय खरगी निवासी मनीष चतुर्वेदी उपचार कराने के लिए आए। लेकिन कोई चिकित्सक मौजूद ना होने और दवा उपचार ना होने पर चिलचिलाती धूप में करीब 12 किलोमीटर दूर दवा उपचार कराने सीएचसी बीकापुर पहुंचे। और दवा उपचार कराया। चिकित्सक ना होने से अन्य कई मरीज भी वापस लौटने को मजबूर हो गए।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक न होने और दवा उपचार ना होने से आहत मनीष चतुर्वेदी द्वारा जनसुनवाई शिकायत पोर्टल पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को शिकायत पत्र भेजकर शिकायत भी की गई है। बताया है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोछा में सुबह 10 बजे के बाद कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। अस्पताल जाने पर वार्ड बॉय द्वारा बताया गया कि यहां तैनात प्रभारी चिकित्साधिकारी एसके मौर्य सुबह 8 बजे से 10 बजे तक अस्पताल में मौजूद थे।

10 बजे के बाद वह बीकापुर चले गए हैं। चिकित्सक न होने से वह रजिस्ट्रेशन पर्चा नहीं बनाएंगे और ना ही दवा देंगे। जिसके चलते उसे करीब 15 किलोमीटर दूर सीएचसी बीकापुर में जाकर दवा उपचार कराना पड़ा। बताया गया कि अव्यवस्था का शिकार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोछा में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एस के मौर्या की नियुक्ति हुई है।

लेकिन वह अस्पताल से करीब 12 किलोमीटर दूर सीएचसी बीकापुर में रात में निवास करते हैं। और सुबह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोछा में ड्यूटी करने आते हैं। सीएचसी बीकापुर में उनकी इमरजेंसी ड्यूटी लग जाने से अस्पताल चिकित्सक विहीन हो जाता है। रात में आने वाले मरीजों को चिकित्सीय सुविधा नहीं मिल पा रही है। यहां सफाई कर्मी और फार्मासिस्ट की भी तैनाती नहीं है।

चौरे बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात फार्मासिस्ट ओमप्रकाश सोनी सिर्फ सप्ताह में 3 दिन ही यहां ड्यूटी करने आते हैं। जिसके चलते क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त स्वास्थ सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

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