साहब! मैं अपने पति के साथ नहीं रहूंगी, वजह सुन दंग रह गये अफसर
मैं अपने पति के साथ नहीं रहूंगी, वजह सुन दंग रह गये अफसर

Sir ! I will not live with my husband, the officers were stunned to hear the reason

बैरिया, बलिया। 'एसडीएम साहब ! मैं अपने पति के साथ नहीं रहूंगी। मेरे पति के कपड़े से दुर्गंध आती है।' यह कोई जुमला नहीं, बल्कि थाना समाधान दिवस पर आई शिकायत है। महिला की फरियाद सुन न सिर्फ एसडीएम आत्रेय मिश्र के साथ वहां मौजूद सीओ व एसएचओ के अलावा थाना समाधान दिवस पर पहुंचे अन्य लोग भौचक्क हो गये।

 

वह बार-बार निवेदन कर रही थी, साहब ! मुझे इनसे छुटकारा दिलवा दीजिए। मैं अलग रहूंगी। 

 

 

 

यह मामला बैरिया नगर पंचायत के एक गांव का है, जहां की एक महिला 20 वर्ष तक अपने पति के साथ रहने के बाद अपने बहन के पति के साथ दिल्ली चली गई थी। पति को गंदा रहने का आरोप लगाते हुए पति के साथ साफ साफ रहने से मना कर दिया।

 

 

किसी तरह पंचायत करा कर महिला को दिल्ली से वापस गांव बुलाया गया था। महिला के चार बच्चे हैं, जिसे वह पिता के पास छोड़ गई थी। काफी पंचायत के बाद महिला दिल्ली से लौटी तो थाने में समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र देकर अलग रहने की गुहार लगाने लगी।


उपजिलाधिकारी आत्रेय मिश्र ने बताया कि दंपत्ति के बच्चों का भविष्य देखते हुए दोनों को समझा-बुझाकर घर भेजा गया है। वही महिला के बहन के पति को भी चेतावनी दी गई है कि वह इनके परिवारिक जीवन में हस्तक्षेप ना करें।

एसडीएम ने पति को हिदायत दी कि जब घर जाओ, साफ सुथरा हो कर जाओ। किसी तरह से समझा-बुझाकर पति पत्नी को वापस घर भेजा। अब वह उसे लेकर कहीं ना जाए। यह मामला थाने में चर्चा का विषय बना हुआ है। 

एसडीएम की पहल पर घर लौटे पति-पत्नी

दाम्पत्य जीवन का 20 वर्ष पति के साथ खुशहाल रही पत्नी को 21वें वर्ष मे पति के कपड़ों से दुर्गंध आने लगी। थाना समाधान दिवस पर महिला की फरियाद सुन उप जिलाधिकारी आत्रेय मिश्र ने उसके पति को बुलवाया और पूछा क्यों गंदे रहते हो?

पति बोला खेत में काम करता हूं। किसान हूं।खेत में मवेशी भी रखा हूं। गंदा तो रहना ही पड़ेगा। काफी समझाने बुझाने के बाद एसडीएम ने पत्नी को पति के साथ रहने को राजी किया।

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