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प्रयागराज में 103वें हज़रत जाहिद शाह बाबा उर्स का भव्य आयोजन, जवाबी कव्वाली में उमड़ा आस्था का सैलाब

प्रयागराज में 103वें हज़रत जाहिद शाह बाबा उर्स का भव्य आयोजन, जवाबी कव्वाली में उमड़ा आस्था का सैलाब  प्रयागराज। नैनी स्थित हज़रत जाहिद शाह बाबा की दरगाह पर रविवार को 103वें वार्षिक उर्स का आयोजन धार्मिक आस्था, सूफी परंपरा और गंगा-जमुनी तहज़ीब के माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने दरगाह पहुंचकर चादरपोशी की और देश में अमन-चैन, खुशहाली तथा आपसी भाईचारे की दुआ मांगी।  उर्स के मुख्य कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश कार्य परिषद सदस्य बब्बन दुबे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उर्स कमेटी के पदाधिकारियों ने उन्हें माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।  जवाबी कव्वाली ने बांधा समां  उर्स के अवसर पर आयोजित भव्य जवाबी कव्वाली ने देर रात तक श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कानपुर सहित विभिन्न शहरों से पहुंचे प्रसिद्ध कव्वालों ने सूफियाना कलामों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। "मन कुन्तो मौला" समेत कई लोकप्रिय सूफी कलामों पर उपस्थित अकीदतमंद झूम उठे और पूरे परिसर में रूहानी माहौल छा गया।  भाईचारे का दिया संदेश  मुख्य अतिथि बब्बन दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की पहचान हमेशा गंगा-जमुनी तहज़ीब, हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी सौहार्द से रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं।  उन्होंने उर्स कमेटी को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक उर्स हर वर्ष इसी श्रद्धा और सौहार्द के साथ आयोजित होता रहे तथा बाबा की दरगाह से सभी को शांति, सुख और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता रहे।  कार्यक्रम के दौरान कव्वाली की प्रस्तुतियों के बाद मुख्य अतिथि, उर्स कमेटी के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में मौजूद अकीदतमंदों ने हज़रत जाहिद शाह बाबा की मजार पर हाजिरी लगाकर चादरपोशी की और प्रदेश व देश की तरक्की, अमन और भाईचारे की दुआ मांगी। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और पूरा परिसर आध्यात्मिक रंग में सराबोर नजर आया।

प्रयागराज। नैनी स्थित हज़रत जाहिद शाह बाबा की दरगाह पर रविवार को 103वें वार्षिक उर्स का आयोजन धार्मिक आस्था, सूफी परंपरा और गंगा-जमुनी तहज़ीब के माहौल में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने दरगाह पहुंचकर चादरपोशी की और देश में अमन-चैन, खुशहाली तथा आपसी भाईचारे की दुआ मांगी।

उर्स के मुख्य कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश कार्य परिषद सदस्य बब्बन दुबे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उर्स कमेटी के पदाधिकारियों ने उन्हें माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

जवाबी कव्वाली ने बांधा समां

उर्स के अवसर पर आयोजित भव्य जवाबी कव्वाली ने देर रात तक श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कानपुर सहित विभिन्न शहरों से पहुंचे प्रसिद्ध कव्वालों ने सूफियाना कलामों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। "मन कुन्तो मौला" समेत कई लोकप्रिय सूफी कलामों पर उपस्थित अकीदतमंद झूम उठे और पूरे परिसर में रूहानी माहौल छा गया।

भाईचारे का दिया संदेश

मुख्य अतिथि बब्बन दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की पहचान हमेशा गंगा-जमुनी तहज़ीब, हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी सौहार्द से रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं।

उन्होंने उर्स कमेटी को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक उर्स हर वर्ष इसी श्रद्धा और सौहार्द के साथ आयोजित होता रहे तथा बाबा की दरगाह से सभी को शांति, सुख और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता रहे।

कार्यक्रम के दौरान कव्वाली की प्रस्तुतियों के बाद मुख्य अतिथि, उर्स कमेटी के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में मौजूद अकीदतमंदों ने हज़रत जाहिद शाह बाबा की मजार पर हाजिरी लगाकर चादरपोशी की और प्रदेश व देश की तरक्की, अमन और भाईचारे की दुआ मांगी। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और पूरा परिसर आध्यात्मिक रंग में सराबोर नजर आया।

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