×

प्रयागराज की पहली आजादी को याद कर शहीदों को किया नमन, खुसरोबाग में मनाया गया ऐतिहासिक महोत्सव

प्रयागराज के खुसरोबाग में पहली आजादी महोत्सव का आयोजन कर 1857 के वीर शहीदों को नमन किया गया। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कार्यक्रम में भाग लिया और शहीदों की स्मृति में पौधों का वितरण किया।
Prayagraj first independence festival:1857 के वीर क्रांतिकारियों की स्मृति में आयोजित हुआ कार्यक्रम, नागरिकों को वितरित किए गए पौधे
 

प्रयागराज। स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को जीवंत रखने के उद्देश्य से प्रयागराज के ऐतिहासिक खुसरोबाग परिसर में रविवार को "पहली आजादी महोत्सव" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 1857 की क्रांति के उन वीर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिनके बलिदान से प्रयागराज ने अंग्रेजी शासन से अस्थायी स्वतंत्रता प्राप्त कर इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया था।

भारत भाग्य विधाता संस्था के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, समाजसेवियों और प्रबुद्धजनों ने भाग लिया। समारोह की अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने की।

अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रयागराज की धरती सदैव क्रांतिकारियों और राष्ट्रभक्तों की कर्मभूमि रही है। वर्ष 1857 में मिली दस दिनों की स्वतंत्रता भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक स्वर्णिम अध्याय है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रयागराज की धरती सदैव क्रांतिकारियों और राष्ट्रभक्तों की कर्मभूमि रही है। वर्ष 1857 में मिली दस दिनों की स्वतंत्रता भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक स्वर्णिम अध्याय है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि देश के वीर शहीदों ने राष्ट्र की अस्मिता और सम्मान की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहिए। केवल इतिहास को याद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके आदर्शों को अपने जीवन में उतारना भी आवश्यक है।

शहीदों की स्मृति में वितरित किए गए पौधे

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। खुसरोबाग की पौधशाला से उपस्थित लोगों को नि:शुल्क पौध वितरित किए गए। आयोजकों ने लोगों से शहीदों की स्मृति में पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने का भी प्रयास है।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। खुसरोबाग की पौधशाला से उपस्थित लोगों को नि:शुल्क पौध वितरित किए गए। आयोजकों ने लोगों से शहीदों की स्मृति में पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इतिहास और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम

महोत्सव में वक्ताओं ने 1857 की क्रांति में प्रयागराज की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शहर स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख धुरी रहा है। कार्यक्रम में देशभक्ति, सामाजिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला।

इस अवसर पर खुसरोबाग उद्यान के प्रभारी वी.के. सिंह, समाजसेवी अन्नू भैया, वीरेंद्र पाठक सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का कार्य करते हैं।


 

 

Share this story