भीटी रावत चौराहे पर पटाखा दुकानों की सुरक्षा पर उठे सवाल, अग्निशमन यंत्रों की कमी के आरोप, वायरल वीडियो की जांच की मांग
सहजनवां, गोरखपुर। सहजनवां क्षेत्र के भीटी रावत चौराहे पर संचालित पटाखा दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने दुकानों में पर्याप्त अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं होने और निर्धारित सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का दावा है कि कुछ दुकानों में मानक से अधिक मात्रा में पटाखे रखे गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, त्योहारों के दौरान पटाखों की बिक्री बढ़ने के साथ दुकानों में सुरक्षा इंतजामों की जांच आवश्यक है। ग्रामीणों ने अग्निशमन विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सभी पटाखा दुकानों का निरीक्षण कर लाइसेंस की शर्तों, पटाखों के भंडारण और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता की जांच कराई जाए। क्षेत्र में पहले भी पटाखा कारोबार से जुड़ी घटनाएं होने का हवाला देते हुए लोगों ने किसी संभावित हादसे से पहले कार्रवाई की मांग की है।

इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने की चर्चा है, जिसमें कथित तौर पर दूसरे जनपद के एक पुलिस अधिकारी को बोरे में पटाखे लेते हुए दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है। इस वीडियो की सत्यता, स्थान और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि वीडियो कब और कहां बनाया गया तथा इसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति और पटाखों से जुड़ा मामला क्या है।
कुछ लोगों ने यह आरोप भी लगाया है कि पटाखा कारोबारी कथित रूप से दूसरे जनपदों के पुलिस अधिकारियों को मुफ्त पटाखे देकर अपने लाइसेंस को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित दुकानदारों का पक्ष सामने आने और प्रशासनिक जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मामले को लेकर मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ), गोरखपुर ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी मिली है। उनके अनुसार, जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
अब निगाहें अग्निशमन विभाग और पुलिस प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि दुकानों पर सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं और वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे कितने सही हैं। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
