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प्रयागराज की 4 साल की 'जलपरी' सत्या का कमाल, 21 मिनट में तैरकर पार की यमुना नदी!

प्रयागराज की 4 साल की 'जलपरी' सत्या का कमाल, 21 मिनट में तैरकर पार की यमुना नदी!

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के संगम नगरी प्रयागराज से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सबको दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है। जहाँ 4 साल की उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, वहीं महेवा पश्चिम क्षेत्र की रहने वाली सत्या भारती ने यमुना नदी की लहरों से मुकाबला कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

21 मिनट और 900 मीटर का रोमांचक सफर

शनिवार की सुबह ठीक 7 बजे जब सूरज की किरणें यमुना के पानी पर पड़ रही थीं, तब नन्हीं सत्या ने नदी के एक छोर से अपनी ऐतिहासिक तैराकी शुरू की। पूरे आत्मविश्वास के साथ सत्या ने 900 मीटर लंबी दूरी को महज 21 मिनट 28 सेकंड में तैरकर पार कर लिया। जिसने भी यह नजारा देखा, वह इस नन्हीं जलपरी के साहस का कायल हो गया।

कोच और माता-पिता का अटूट विश्वास

सत्या के पिता देवेंद्र कुमार और माँ शिवानी अपनी बेटी की इस उपलब्धि से फूले नहीं समा रहे हैं। माँ शिवानी का सपना है कि उनकी बेटी भविष्य में नेशनल लेवल की तैराक बने और देश का नाम रोशन करे।

सत्या को इस मुकाम तक पहुँचाने में उनके कोच त्रिभुवन निषाद का बड़ा हाथ है। कोच के अनुसार: "सत्या में बचपन से ही गजब का अनुशासन और सीखने की ललक है। उसे पानी से बिल्कुल डर नहीं लगता। वह रोजाना 2 से 3 घंटे कड़ी मेहनत करती है। अगर उसे सही मार्गदर्शन और बेहतर सुविधाएं मिलें, तो वह देश के लिए मेडल जरूर लाएगी।"

सोशल मीडिया पर छाई 'सत्या'

सत्या की इस बहादुरी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नेटिजन्स उसे "प्रयागराज की जलपरी" और "वंडर किड" जैसे नामों से नवाज रहे हैं। लोग उत्तर प्रदेश सरकार से भी अपील कर रहे हैं कि इस नन्हीं प्रतिभा को सही मंच और सहायता प्रदान की जाए।

हौसलों के आगे छोटी पड़ी उम्र

सत्या की यह कहानी साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो उम्र महज एक नंबर बनकर रह जाती है। सत्या न केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे रही है, बल्कि खेल के मैदान (पानी) में भी बड़े-बड़े दिग्गजों को चुनौती दे रही है। प्रयागराज ही नहीं, बल्कि पूरा प्रदेश आज इस 4 साल की बच्ची के जज्बे को सलाम कर रहा है।

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