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शिमला घूमने निकले थे 4 दोस्त, लौटे कंधो पर... प्रयागराज में एक साथ उठीं अर्थियां, छतनाग घाट पर जलीं 3 चिताएं

प्रयागराज के चार दोस्तों की उन्नाव एक्सप्रेसवे हादसे में मौत के बाद मातम छा गया। छतनाग घाट पर तीन दोस्तों की चिताएं एक साथ जलीं, अंतिम संस्कार के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले।

प्रयागराज में नम आंखों से दी गई चार दोस्तों को अंतिम विदाई, तीन की एक साथ उठी अर्थी, एक साथ जली चिताएं

 

प्रयागराज। शिमला घूमने के लिए निकले चार दोस्तों की सड़क हादसे में मौत के बाद प्रयागराज में शनिवार को गमगीन माहौल देखने को मिला। उन्नाव के गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवकों के शव जैसे ही उनके घर पहुंचे, पूरे इलाके में मातम छा गया। परिजनों की चीख-पुकार और विलाप ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।

मृतकों में अनुपम गुप्ता, उदय सिंह, विजय कुमार और अमन कश्यप शामिल थे। इनमें से तीन दोस्तों का अंतिम संस्कार प्रयागराज के झूंसी स्थित छतनाग घाट पर किया गया, जबकि अमन कश्यप का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव प्रतापगढ़ में हुआ।

जानकारी के अनुसार चारों दोस्त प्रयागराज और प्रतापगढ़ के रहने वाले थे तथा आपस में बेहद करीबी मित्र थे। सभी कारोबारी थे और उनके घर भी एक-दूसरे के काफी करीब स्थित थे। शुक्रवार सुबह चारों टाटा पंच कार से शिमला घूमने के लिए निकले थे।

अंतिम संस्कार के दौरान सबसे भावुक दृश्य तब सामने आया जब अनुपम गुप्ता की पत्नी ने हिंदू परंपरा के अनुसार पति से आखिरी बार अपनी मांग में सिंदूर भरवाया। कांपते हाथों और नम आंखों के साथ हुई इस रस्म को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। इसके बाद सुहाग उतारने की परंपरा भी निभाई गई।

वहीं अनुपम की मां अपने बेटे का चेहरा आखिरी बार देखने की जिद करते हुए शव से लिपटकर बिलखती रहीं। परिजनों का दर्द देखकर अंतिम यात्रा में शामिल लोग भी भावुक हो उठे।

जानकारी के अनुसार चारों दोस्त प्रयागराज और प्रतापगढ़ के रहने वाले थे तथा आपस में बेहद करीबी मित्र थे। सभी कारोबारी थे और उनके घर भी एक-दूसरे के काफी करीब स्थित थे। शुक्रवार सुबह चारों टाटा पंच कार से शिमला घूमने के लिए निकले थे।

पुलिस के मुताबिक, उन्नाव जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से उनकी कार की जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

शनिवार को छतनाग घाट पर जब तीन दोस्तों की चिताएं एक साथ जलीं तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। परिजनों और रिश्तेदारों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और लोग इस हादसे को याद कर स्तब्ध हैं।

 

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