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प्रयागराज में बाढ़ का कहर, पानी में डूबा लेटे हनुमान मंदिर, हजारों घरों पर संकट

प्रयागराज में बाढ़ का कहर, पानी में डूबा लेटे हनुमान मंदिर, हजारों घरों पर संकट

प्रयागराज। गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर के चलते प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। संगम क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध श्री लेटे हनुमान जी मंदिर पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गया है। मंदिर का गर्भगृह भी जलमग्न है और लगातार छठे दिन लेटे हनुमान जी शयन अवस्था में हैं।

बढ़ते जलस्तर के कारण संगम क्षेत्र के आसपास के इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। मंदिर परिसर में बाढ़ का पानी भरने के बाद श्रद्धालुओं की सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।

छह दिन से जलमग्न है मंदिर का गर्भगृह

गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण श्री लेटे हनुमान मंदिर बाढ़ की चपेट में है। मंदिर का गर्भगृह पानी में डूबा हुआ है और पूरा परिसर चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मंदिर में भगवान हनुमान जी की प्रतिमा शयन अवस्था में विराजमान है।

निचले इलाकों में घरों तक पहुंचा पानी

बाढ़ का असर अब प्रयागराज के रिहायशी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। शहर के कई निचले क्षेत्रों में पानी घरों तक पहुंच गया है। हालात बिगड़ने के बाद प्रभावित परिवार जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों की ओर जाने लगे हैं।

गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण श्री लेटे हनुमान मंदिर बाढ़ की चपेट में है। मंदिर का गर्भगृह पानी में डूबा हुआ है और पूरा परिसर चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मंदिर में भगवान हनुमान जी की प्रतिमा शयन अवस्था में विराजमान है।

राजापुर में 50 से अधिक मकानों के बाढ़ की चपेट में आने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा सलोरी, बघाड़ा, बख्शी बांध और दारागंज समेत कई इलाकों में भी बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घरों में प्रवेश कर रहा है।

राहत और बचाव की जरूरत बढ़ी

जलस्तर बढ़ने के साथ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। कई परिवारों के सामने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की स्थिति बन गई है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

जलस्तर बढ़ने के साथ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। कई परिवारों के सामने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की स्थिति बन गई है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

गंगा और यमुना के जलस्तर में अगर इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो प्रयागराज के और भी निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका है।

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