Prayagraj cold storage accident: 6 आरोपी गिरफ्तार, 4 की मौत, 15 का इलाज जारी, 3 घायल हुए डिस्चार्ज
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के Prayagraj के फाफामऊ क्षेत्र में हुए आदर्श कोल्ड स्टोरेज हादसे में पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। 23 मार्च को हुए इस दर्दनाक हादसे में 4 मजदूरों की मौत के बाद अब तक 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
ताजा कार्रवाई में पुलिस ने मो. उस्मान और मो. इरफान को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस मामले में कोल्ड स्टोरेज के मालिक और पूर्व मंत्री Ansar Ahmad, उनके बेटे मंजूर इलाही और भतीजे अलाउद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा फरार चल रहे आरोपी मोहम्मद जाबिर अली उर्फ जावेद को भी पुलिस ने दबोच लिया था।
कैसे हुआ था हादसा?
यह हादसा Phaphamau के चंदापुर गांव स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस के चैम्बर में विस्फोट के कारण हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि पूरी इमारत का एक हिस्सा ढह गया और मजदूर मलबे में दब गए।
घटना के बाद मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कुल 22 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें 4 की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल हुए।
घायलों का इलाज Tej Bahadur Sapru Hospital और Swaroop Rani Nehru Hospital में चल रहा है। प्रशासन के अनुसार, अब भी कई घायलों का उपचार जारी है, जबकि कुछ को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
जांच में क्या सामने आया?
प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर करीब 12 से अधिक लोगों को नामजद किया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभी भी कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किए जाने की बात कही जा रही है।

हादसे के तुरंत बाद मौके पर National Disaster Response Force (NDRF), State Disaster Response Force (SDRF) और अग्निशमन विभाग की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इस अभियान के दौरान कुल 22 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया।
प्रशासन के अनुसार, इस हादसे में 4 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि 18 लोग घायल हुए थे। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
वर्तमान स्थिति के मुताबिक, Tej Bahadur Sapru Hospital में 10 घायलों का उपचार चल रहा है, जबकि Swaroop Rani Nehru Hospital में 5 मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा 3 घायलों को इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
प्रशासन ने बताया कि सभी घायलों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
