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उमेश पाल हत्याकांड में आया नया मोड़, लखनऊ के बिल्डर ने दिए थे 1.20 करोड़ रुपए

उमेश पाल हत्याकांड में आया नया मोड़, लखनऊ के बिल्डर ने दिए थे 1.20 करोड़ रुपए

प्रयागराज। 13 मार्च बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह रहे उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की नेशंस हत्या के मामले में तफ्तीश कर रहे स्पेशल टास्क फोर्स को चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है पता चला है कि हत्याकांड के लिए लखनऊ के एक बिल्डर ने फाइनेंस किया था। वारदात से करीब 15 दिन पहले माफिया अतीक का बेटा असद करीब एक करोड़ 20 लाख रुपए लेकर फॉर्च्यूनर कार से प्रयागराज आया था। यहां उसने सदाकत गुलाम समेत अन्य के साथ मीटिंग की थी इसके बाद फिर लखनऊ चला गया था और 22 फरवरी को वापस प्रयागराज आया था।

ऐसी जानकारी मिलने के बाद एसटीएफ की टीम सच्चाई का पता लगा रही है। जमीनी स्तर पर मास्टर प्लान तैयार करने वाला गुलाम ही था हथियार गोली और बम मुहैया कराने की जिम्मेदारी सदाकत पर थी। उसने ही बिहार के एक माफिया के करीबि से बात करके अश्लहा उपलब्ध करवाया था। इसके बाद हत्याकांड की योजना पर अमल करने की योजना बनाई गई थी। यह भी कहा जा रहा है कि असद ने अपने एक साथी के साथ फॉर्च्यूनर कार से यहां आया था कार उसी बिल्डर की थी।

जिसने फाइनेंस किया था प्लान के मुताबिक उमेश पाल को कचहरी में ही घेराबंदी करनी थी। लेकिन वकीलों के बीच में होने के कारण प्लान 1 को रोक दिया गया। प्लान बी पर सभी ने ध्यान केंद्रित किया और गुलाम उमेश पाल के घर के बाहर स्थित दुकान पर पहुंच कर इंतजार करने लगा। जैसे ही विजय चौधरी उर्फ उस्मान ने फायरिंग शुरू की बाकी लोग भी हमलावर हो गए। हालांकि सूटर के लड़खड़ाने और उमेश पाल के भागने की कोशिश ने असद को हैरानी में डाल दिया। जिसके चलते असद ने कार से उतरकर मोर्चा संभाला और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हत्याकांड से कुछ घंटे पहले ही सभी शूटरों को बड़ी राशि दी गई थी ताकि वह सुरक्षित ठिकाने पर पहुंच जाएं पुलिस के हाथ ना लगे।

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माफिया अतीक का खास है बिल्डर

बिल्डर माफिया अतीक अहमद का बेहद खास है और करीबी वह बहुत पहले खुद जमीन का काम करता था लेकिन कुछ कारणों से परेशान हुआ तो बिहार चला गया। वहां एक पूर्व विधायक की मदद से प्रभावशाली हुआ लेकिन वक्त के साथ दिन खराब होते चले गए तो तत्कालीन विधायक के साथ छोड़ दिया। इसके बाद बिल्डर पर माफिया ने हाथ रख दिया जिसके बाद उसने खूब तरक्की की। लखनऊ के साथ ही प्रयागराज और आसपास के जिले में माफिया के नाम पर करोड़ों रुपए की संपत्ति पर कब्जा जमाया। बिल्डर के खिलाफ कई मुकदमे भी दर्ज हैं। उमेश पाल ने भी इस विल्डर के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। इसके बाद ही अतिक गैंग से अदावत बढ़ती गई। बिल्डर की तमाम विवादित जमीनों पर उमेश ने कब्जे का प्रयास किया था। जिस पर बिल्डर ने हत्याकांड के लिए फाइनेंस किया था ताकि उसे ज्यादा नुकसान ना हो सके।

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