प्रयागराज में बढ़ा गंगा-यमुना का जलस्तर, संगम तट के सभी घाट जलमग्न
प्रयागराज। पहाड़ी और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रयागराज में साफ दिखाई देने लगा है। गंगा और यमुना दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे संगम तट के सभी घाट पानी में डूब गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि दोनों नदियां अभी भी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं और फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है।
रविवार सुबह 8 बजे जारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार नैनी में यमुना नदी का जलस्तर 73.86 मीटर दर्ज किया गया। वहीं फाफामऊ में गंगा का जलस्तर बढ़कर 77.93 मीटर और छतनाग में 73.61 मीटर पहुंच गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों में फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 4 सेंटीमीटर और छतनाग में 6 सेंटीमीटर बढ़ा है, जबकि नैनी में यमुना का जलस्तर लगभग स्थिर बना हुआ है।
लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण संगम तट के सभी प्रमुख घाट जलमग्न हो चुके हैं। इससे स्नान, नौकायन और घाटों पर होने वाली अन्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। प्रशासन भी जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। हालांकि वर्तमान में गंगा और यमुना दोनों नदियां खतरे के निशान 84.734 मीटर से काफी नीचे बह रही हैं, इसलिए फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से नदी के किनारे न जाएं तथा जलस्तर से संबंधित प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। लगातार निगरानी के साथ स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
