अब स्कूलों में यूट्यूबर्स और बाहरी लोगों की नो-एंट्री, बिना अनुमति वीडियो बनाने पर होगी कार्रवाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अब यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और अन्य बाहरी लोगों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी बाहरी व्यक्ति स्कूल परिसर में प्रवेश कर न तो कक्षाओं की रिकॉर्डिंग कर सकेगा और न ही छात्र-छात्राओं या शिक्षकों की फोटो अथवा वीडियो बना सकेगा।
विभाग की ओर से यह कदम विद्यालयों में पढ़ाई का माहौल बनाए रखने के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, कई बार सोशल मीडिया के लिए कंटेंट तैयार करने के उद्देश्य से लोग बिना अनुमति विद्यालय परिसर में पहुंच जाते हैं और कक्षाओं में वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर देते हैं। इससे पठन-पाठन प्रभावित होने के साथ बच्चों का ध्यान भी भटकता है।
शिक्षा विभाग का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षकों की उपस्थिति, मिड-डे मील समेत अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए विभागीय और प्रशासनिक निरीक्षण की व्यवस्था पहले से लागू है। इसलिए किसी बाहरी व्यक्ति को बिना अनुमति विद्यालय में जाकर समानांतर निरीक्षण करने या वीडियो रिकॉर्ड करने की अनुमति नहीं होगी।
निर्देशों के मुताबिक, यदि किसी बाहरी व्यक्ति को विद्यालय में किसी विशेष उद्देश्य से प्रवेश करना है तो उसे संबंधित सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेनी होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अथवा उच्चाधिकारी की अनुमति के बिना स्कूल परिसर में प्रवेश करने और बच्चों या शिक्षकों की रिकॉर्डिंग करने पर कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि विद्यालय परिसर में बच्चों की फोटो या वीडियो बनाते समय उनकी सुरक्षा और निजता का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। बिना अनुमति रिकॉर्डिंग करने या विद्यालय के शिक्षकों एवं बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य के विभिन्न जिलों में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की ओर से विद्यालयों के लिए इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। स्कूल प्रशासन को भी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर नजर रखने को कहा गया है।
बताया गया है कि यह रोक बिना अनुमति प्रवेश और अनधिकृत रिकॉर्डिंग पर लागू है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रिंट मीडिया के समाचार पत्रों तथा राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों पर इसे सीधे तौर पर लागू बताया नहीं गया है।
हालांकि, विद्यालय में प्रवेश और कवरेज के दौरान संबंधित विभागीय नियमों एवं आवश्यक अनुमति का पालन करना होगा।
शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में अनुशासित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना, विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनकी निजता की रक्षा करना है। नए निर्देशों के बाद स्कूल परिसर में सोशल मीडिया कंटेंट के लिए होने वाली अनधिकृत वीडियो रिकॉर्डिंग पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है।
