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ऑनलाइन शिकायत हो या आमने-सामने फरियाद, हर मामले का गंभीरता से करें निस्तारण: संजय प्रसाद

ऑनलाइन शिकायत हो या आमने-सामने फरियाद, हर मामले का गंभीरता से करें निस्तारण: संजय प्रसाद

गोरखपुर। आम नागरिकों की शिकायतों का निस्तारण गंभीरता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ किया जाए। शिकायत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हुई हो या कोई व्यक्ति अधिकारी के सामने उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र सौंपे, दोनों ही मामलों में समान गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शिकायतों की अनदेखी या निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को ये निर्देश दिए।

गोरखपुर के ई-डिस्ट्रिक्ट कक्ष में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ, नगर आयुक्त अजय जैन, पुलिस अधीक्षक यातायात मनीष श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मुकुल खंडेलवाल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

प्रमुख सचिव गृह ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वह मामले को समझे और नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करे। केवल ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त होने के कारण किसी शिकायत को कम महत्व देना उचित नहीं है। इसी तरह कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर अपनी समस्या बताने वाले आवेदकों की बात भी पूरी गंभीरता से सुनी जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायत निस्तारण को महज औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए। प्रत्येक प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों और वास्तविक स्थिति के आधार पर कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता की समस्या को समझे बिना या आवश्यक कार्रवाई किए बिना निस्तारण की प्रक्रिया पूरी मानना उचित नहीं होगा।

प्रमुख सचिव गृह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को दिए निर्देश, शिकायतों की अनदेखी न करने और पीड़ितों को समय पर राहत पहुंचाने पर दिया जोर

समयबद्ध कार्रवाई से मिले नागरिकों को राहत

शासन की मंशा है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए ऑनलाइन शिकायतों पर समय से कार्रवाई करने के साथ ही व्यक्तिगत रूप से प्राप्त प्रार्थना पत्रों को भी संबंधित विभाग तक पहुंचाकर उनका नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।

प्रमुख सचिव गृह के निर्देशों में अधिकारियों की जवाबदेही और शिकायतों के प्रभावी समाधान पर विशेष जोर रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिकायतकर्ता जब किसी अधिकारी के पास उम्मीद लेकर पहुंचता है, तो उसकी समस्या सुनना और नियमानुसार समाधान की दिशा में कार्रवाई करना संबंधित अधिकारी का दायित्व है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन ने यह संदेश दिया कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और संवेदनहीनता की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायत हो या व्यक्तिगत रूप से दिया गया प्रार्थना पत्र, हर मामले में गंभीरता से कार्रवाई कर नागरिकों को राहत पहुंचाई जाए। समयबद्ध निस्तारण और जवाबदेह कार्यप्रणाली से ही आमजन का प्रशासन पर भरोसा मजबूत हो सकता है।

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