पटखौली-भीटी मार्ग की बदहाली से ग्रामीण परेशान, दो साल से गड्ढों में तब्दील है सड़क
सहजनवां, गोरखपुर। पटखौली से सेमरा, बसिया, तेनुहारी, मुंडा-कोड़रा, कोझवा और जोनिया होते हुए भीटी नेशनल हाईवे को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग लंबे समय से बदहाल है। ग्रामीणों के अनुसार करीब दो वर्षों से सड़क की स्थिति लगातार खराब होती गई है।
जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे होने के कारण इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। इससे आसपास के 10 से 15 गांवों के हजारों लोगों का रोजाना आवागमन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को भीटी स्थित नेशनल हाईवे से जोड़ता है। इसी रास्ते से छात्र-छात्राएं स्कूल और कॉलेज जाते हैं, जबकि किसान, व्यापारी, नौकरीपेशा लोग और ग्रामीण रोजमर्रा के काम से आवागमन करते हैं। सड़क की खराब हालत के चलते वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क पर कई स्थानों पर बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। रात के समय रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार वाहन चालक गड्ढों से बचने के प्रयास में असंतुलित होने से हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल
क्षेत्रवासियों ने सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क निर्माण को बहुत अधिक समय नहीं हुआ, लेकिन कई हिस्सों में सड़क की ऊपरी परत उखड़ चुकी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सिर्फ गड्ढों में मिट्टी या गिट्टी डालकर खानापूर्ति करने के बजाय सड़क की तकनीकी जांच कराई जाए और आवश्यकता के अनुसार स्थायी मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए।
कोड़रा मंदिर जाने वाले श्रद्धालु भी परेशान
पटखौली-भीटी मार्ग का इस्तेमाल आसपास के गांवों के अलावा कोड़रा स्थित मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु भी करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार धार्मिक स्थल तक जाने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाली से स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ दूर-दराज से आने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। क्षेत्रवासियों ने मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग को भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराने की मांग की है।
आश्वासन के बाद भी समाधान नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित कराया जा चुका है। मरम्मत का आश्वासन मिलने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराकर सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन कराने और जल्द काम शुरू कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की बदहाली अब केवल आवागमन की परेशानी नहीं, बल्कि सुरक्षा का विषय बन गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से उच्चाधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

पटखौली, सेमरा, बसिया, तेनुहारी, मुंडा-कोड़रा, कोझवा और जोनिया समेत आसपास के गांवों के लोगों का कहना है कि सड़क दुरुस्त होने से हजारों ग्रामीणों के साथ भीटी नेशनल हाईवे की ओर जाने वाले यात्रियों और कोड़रा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी।
