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सहजनवा में ‘थाने के बाहर ट्रैफिक जाम’! NH-28 सर्विस लेन पर वर्षों से खड़ी सीज गाड़ियां बनीं मुसीबत

सड़क बनी पुलिस यार्ड, जनता बेहाल… सहजनवा थाने के बाहर हर दिन जाम और हादसे का खतरा

सहजनवा गोरखपुर। जिले के सहजनवा थाना क्षेत्र में NH-28 की सर्विस लेन अब आम राहगीरों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन चुकी है। सहजनवा थाने द्वारा सीज की गई गाड़ियों का वर्षों से सड़क किनारे जमावड़ा लगा हुआ है। हालत यह है कि सर्विस रोड और थाना परिसर के मुख्य द्वार के सामने तक वाहनों की लंबी कतारें खड़ी रहती हैं, जिससे हर दिन जाम और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाने के आसपास सुबह से शाम तक ऑटो, टैक्सी और सीज वाहनों की भीड़ लगी रहती है। सड़क के दोनों तरफ खड़े वाहन राहगीरों और दोपहिया चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुके हैं। कई बार लोगों को जाम में फंसकर घंटों परेशान होना पड़ता है।

सड़क बनी पुलिस यार्ड, जनता बेहाल… सहजनवा थाने के बाहर हर दिन जाम और

 प्रमुख मीडिया में खबरें छपने के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार

बताया जा रहा है कि विगत कुछ माह पहले प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कई प्रमुख संस्थानों ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। उस दौरान पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा दावा किया गया था कि सीज वाहनों के लिए अलग जगह तलाश की जा रही है और जल्द ही सर्विस लेन को खाली कराया जाएगा। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।

 थाने के मुख्य द्वार पर ही जाम की स्थिति

सबसे गंभीर स्थिति सहजनवा थाने के मुख्य गेट के सामने देखने को मिलती है, जहां सड़क किनारे खड़ी सीज गाड़ियां और टैक्सी वाहन अक्सर भारी जाम का कारण बनते हैं। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि सड़क इतनी संकरी हो चुकी है कि कई बार बड़े वाहन निकलने में भी परेशानी होती है।

सड़क बनी पुलिस यार्ड, जनता बेहाल… सहजनवा थाने के बाहर हर दिन जाम और हादसे का खतरा

 हादसे का बढ़ रहा खतरा

NH-28 जैसी व्यस्त सड़क की सर्विस लेन पर अवैध तरीके से खड़े वाहनों की वजह से आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

 जनता का सवाल — आखिर कब हटेगा ‘सड़क पर बना पुलिस यार्ड’?


स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस प्रशासन ईमानदारी और गंभीरता से कार्य करे तो इस समस्या का समाधान कोई बड़ा काम नहीं है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते जनता रोजाना परेशानी झेलने को मजबूर है।
अब देखने वाली बात होगी कि वर्षों से सड़क पर खड़े सीज वाहनों और टैक्सी अतिक्रमण से जनता को आखिर कब राहत मिलती है, या फिर NH-28 की सर्विस लेन यूं ही “अस्थायी पुलिस यार्ड” बनी रहेगी।

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