गोरखपुर में बिल्डिंग मैटेरियल घोटाले का खुलासा, दिल्ली से पकड़े गए तीन आरोपी
गोरखपुर। बिल्डिंग मैटेरियल की आपूर्ति कराने के नाम पर 33 लाख 28 हजार 315 रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में खजनी पुलिस और एसटीएफ की गोरखपुर फील्ड इकाई ने दिल्ली के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को लखनऊ की जेबी ट्रेडिंग कंपनी का मालिक बताकर गोरखपुर, कुशीनगर और जौनपुर में चल रहे कार्यों के लिए गिट्टी और मोरंग की आपूर्ति कराई थी। सामान मिलने के बाद भुगतान नहीं किया गया और संपर्क करने पर मोबाइल फोन बंद कर लिए गए।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में खजनी थाने में मुकदमा संख्या 151/2025 दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि फोन पर संपर्क करने वाले व्यक्ति ने अपनी पहचान विजय गोयल के रूप में दी और खुद को लखनऊ स्थित जेबी ट्रेडिंग कंपनी का मालिक बताया। उसने विभिन्न जिलों में चल रहे कार्यों के लिए बिल्डिंग मैटेरियल की जरूरत बताते हुए आपूर्ति करने को कहा। भरोसा करके शिकायतकर्ता ने बताए गए स्थानों पर गिट्टी और मोरंग भेज दी। इसके बाद भुगतान की मांग की गई तो संबंधित लोगों ने मोबाइल फोन बंद कर लिए। रुपये नहीं मिलने पर शिकायतकर्ता ने पुलिस से शिकायत की।
विवेचना के दौरान सामने आया कि इस तरीके से कुल 33,28,315 रुपये का बिल्डिंग मैटेरियल लिया गया था, जिसका भुगतान नहीं किया गया। मामले में आरोपियों की तलाश के लिए खजनी पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश डांगर निवासी विजय विहार फेज-2, रोहिणी; हिमांशु निवासी बख्तावरपुर, थाना अलीपुर; और विकास निवासी सेक्टर-31, रोहिणी, थाना शाहबाद डेयरी, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मोबाइल, नकदी और फर्जी दस्तावेज बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार एंड्रॉयड और तीन कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा 50 हजार रुपये नकद, दो कूटरचित आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस, दो डेबिट कार्ड और जम्मू-कश्मीर बैंक की एक चेकबुक भी मिली है। बरामद सामान में एक सफेद मारुति स्विफ्ट कार, बैंगनी रंग का हैंडबैग और विभिन्न मोबाइल कंपनियों के सिम कार्ड से जुड़े लिफाफे भी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिला है, जिसका इस्तेमाल वाहन की नंबर प्लेट को ढकने या छिपाने में किया जा सकता है। इसके अलावा तीन डायरियां और एक एक्सरसाइज नोटबुक बरामद हुई हैं। इनमें अलग-अलग राज्यों के ट्रकों के नंबर, विभिन्न फर्मों और व्यक्तियों के नाम तथा मोबाइल नंबर दर्ज हैं। पुलिस इन दस्तावेजों और उपकरण की जांच कर रही है, ताकि धोखाधड़ी के मामले में अन्य संभावित कड़ियों का पता लगाया जा सके।
इस संबंध में खजनी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 61(2), 318(4), 336(3), 338, 339 और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
