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प्रधान पर गंभीर आरोप: सार्वजनिक रास्ता खुदवाकर किया कब्जा, ट्रांसफार्मर हटाने का भी आरोप

प्रधान पर गंभीर आरोप: सार्वजनिक रास्ता खुदवाकर किया कब्जा, ट्रांसफार्मर हटाने का भी आरोप

गोरखपुर। सहजनवां तहसील क्षेत्र के हरदी गांव में सार्वजनिक रास्ते को खोदकर अवरुद्ध करने और ग्रामीणों की जमीन पर कब्जा करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित ग्रामीणों ने गांव के वर्तमान प्रधान मन्ने पासवान पर आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी, मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

 

 

ग्राम हरदी निवासी इन्द्रेश विश्वकर्मा, कार्तिक विश्वकर्मा पुत्र भोला विश्वकर्मा तथा अमरजीत विश्वकर्मा पुत्र रामसहज विश्वकर्मा ने प्रशासन को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके घर के सामने से गुजरने वाला सार्वजनिक रास्ता पिछले लगभग 50 वर्षों से गांव के कई परिवारों के आवागमन का मुख्य मार्ग रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 20 वर्ष पहले तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा इस रास्ते का निर्माण भी कराया गया था।

 

पीड़ितों का आरोप है कि वर्तमान प्रधान मन्ने पासवान ने करीब चार वर्ष पहले द्वेषवश इस रास्ते को बंद करने का प्रयास किया था। उस समय तत्कालीन उपजिलाधिकारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार और राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर रास्ते को दोबारा खुलवाया था।

ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में गांव में हुई एक मारपीट की घटना में वे लोग जेल चले गए थे। इसी दौरान प्रधान मन्ने पासवान ने उनके विरोधी चंदू सिंह और उनके परिवार के सहयोग से सार्वजनिक रास्ते पर करीब 15 फीट गहरा गड्ढा खुदवा दिया और उसकी मिट्टी अवैध खनन के रूप में बेच दी। आरोप है कि इससे न केवल रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, बल्कि उनकी निजी जमीन पर भी कब्जा कर लिया गया।

पीड़ितों ने यह भी बताया कि उक्त भूमि को लेकर दीवानी न्यायालय बांसगांव में मुकदमा विचाराधीन है। इसके बावजूद जमीन पर कब्जा कर लिया गया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब प्रार्थी जेल में थे, उसी दौरान उनके घर के सामने बिजली विभाग द्वारा लगाया गया ट्रांसफार्मर भी हटाकर प्रधान मन्ने पासवान अपने घर ले गए। इसके चलते कई घरों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रधान मन्ने पासवान और उनके सहयोगियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, सार्वजनिक रास्ते को पुनः बहाल कराया जाए और गांव में बिजली सप्लाई जल्द से जल्द शुरू कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे गांव में फिर से बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण अमरजीत विश्वकर्मा का कहना है कि जमीनी विवाद को लेकर कुछ लोग जिगना चौराहे पर दो फोर व्हीलर से आकर उन्हें जबरदस्ती उठाने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन ग्रामीणों के शोर और सहयोग के कारण वे सफल नहीं हो पाए। इसकी लिखित सूचना उन्होंने 9 अक्टूबर 2025 को स्थानीय थाने के हल्का इंचार्ज को दी थी।

अमरजीत विश्वकर्मा के अनुसार दोनों पक्षों में जमीनी विवाद को लेकर मारपीट का मामला इतना बढ़ गया कि एक युवक को गंभीर चोट लग गई और इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद विपक्ष की तहरीर पर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय में सरेंडर कर दिया। अब जेल से छूटने के बाद वह फिर से न्याय की मांग कर रहे हैं।

इस संबंध में हल्का प्रभारी घनश्याम उपाध्याय का कहना है कि उन्हें इस मामले में किसी भी प्रकार की कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।

वहीं तहसील प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि प्रधान द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों की प्रारंभिक जांच चल रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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