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स्व. बाल कृष्ण बजाज की 19वीं पुण्यतिथि पर विशाल भंडारे का आयोजन

स्व. बाल कृष्ण बजाज की 19वीं पुण्यतिथि पर विशाल भंडारे का आयोजन
 

गोरखपुर। शहर के शास्त्री चौक स्थित जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के सामने स्वर्गीय बाल कृष्ण बजाज की 19वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनके सुपुत्र दुर्गेश बजाज एवं अंकित बजाज के सौजन्य से एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, श्रमजीवी संगठन के सदस्य एवं आमजन उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय बजाज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया।

कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह श्रद्धा और भावनाओं से ओतप्रोत रहा। जैसे ही श्रद्धांजलि अर्पित करने का क्रम शुरू हुआ, वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। स्वर्गीय बाल कृष्ण बजाज के साथ कार्य कर चुके वरिष्ठ पत्रकारों और उनके सहयोगियों ने उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए कहा कि वे न केवल एक कर्मठ और समर्पित व्यक्ति थे, बल्कि एक बेहद मिलनसार और सहज स्वभाव के इंसान भी थे। जो भी उनसे एक बार मिलता, उनका प्रशंसक बन जाता था।

स्वर्गीय बाल कृष्ण बजाज का जीवन सेवा, समर्पण और सादगी का प्रतीक रहा। वे ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के व्यक्तिगत सहायक के रूप में लंबे समय तक जुड़े रहे और पूरी निष्ठा से अपनी सेवाएं दीं। उनके कार्यों की ईमानदारी और लगन की चर्चा आज भी लोगों के बीच होती है। बाद के वर्षों में उन्होंने प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भी कार्य किया और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाया।

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय बजाज ने अपने जीवन में जो आदर्श स्थापित किए, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने हमेशा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझा और हर परिस्थिति में लोगों की मदद के लिए तत्पर रहे। उनकी कार्यशैली और व्यवहार ने उन्हें समाज के हर वर्ग में सम्मान दिलाया।

इस अवसर पर उनके पुत्र दुर्गेश बजाज और अंकित बजाज ने कहा कि उनके पिता का जीवन उनके लिए मार्गदर्शन का स्रोत है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों के माध्यम से वे अपने पिता की स्मृतियों को जीवित रखने का प्रयास कर रहे हैं। भंडारे का आयोजन भी उसी कड़ी का हिस्सा है, जहां अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर उनके आदर्शों को आगे बढ़ाया जा सके।

भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जो देर शाम तक जारी रही। आयोजन में शामिल लोगों ने न केवल प्रसाद ग्रहण किया, बल्कि स्वर्गीय बजाज के जीवन से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए उन्हें याद किया।

वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि स्वर्गीय बाल कृष्ण बजाज का पत्रकारिता जगत से भी गहरा जुड़ाव रहा। वे हमेशा पत्रकारों के सुख-दुख में साथ खड़े रहते थे और हर संभव सहयोग करते थे। यही कारण है कि आज भी पत्रकार समुदाय में उनकी विशेष पहचान और सम्मान बना हुआ है।

कार्यक्रम के दौरान कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और स्वर्गीय बजाज को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे आयोजन में अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया था।

अंत में सभी उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय बाल कृष्ण बजाज को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल एक श्रद्धांजलि सभा था, बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व को याद करने का अवसर भी था, जिन्होंने अपने जीवन से सेवा, समर्पण और मानवता का संदेश दिया।

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