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सड़क सुरक्षा बैठक में स्कूली वाहनों की जांच पर जोर, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की तैयारी

सड़क सुरक्षा बैठक में स्कूली वाहनों की जांच पर जोर, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की तैयारी

गोरखपुर। मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में स्कूली वाहनों की फिटनेस को लेकर गंभीर सवाल उठे। मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने परिवहन विभाग से जवाबदेही तय करने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, फिटनेस जांच में फेल हुए 304 स्कूली वाहनों में से 108 को दोबारा फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया गया, जबकि 196 वाहनों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया। इस पर मंडलायुक्त ने सवाल किया कि तकनीकी खामियों के कारण फिटनेस जांच में फेल वाहन यदि सड़क पर चलते हैं और उनसे दुर्घटना हो जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? उन्होंने ऐसे वाहनों को सीज नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए।

मंडलायुक्त ने कहा कि स्कूली वाहनों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। इन वाहनों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल आते-जाते हैं, ऐसे में ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, लाइट और अन्य जरूरी उपकरणों की स्थिति दुरुस्त होना अनिवार्य है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि असुरक्षित वाहनों के संचालन पर प्रभावी रोक लगाई जाए और मंडल के अन्य जनपदों में भी स्कूली वाहनों की स्थिति की समीक्षा की जाए।

सड़क सुरक्षा बैठक में स्कूली वाहनों की जांच पर जोर, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की तैयारी

ब्लैक स्पॉट पर सुधार और दुर्घटनाओं की समीक्षा

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए दुर्घटना संभावित स्थानों यानी ब्लैक स्पॉट की स्थिति की समीक्षा की गई। ऐसे स्थानों पर सड़क की बनावट, तीखे मोड़, संकेतकों की उपलब्धता, प्रकाश व्यवस्था और वाहनों की गति जैसे पहलुओं का आकलन कर आवश्यक सुधार करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि दुर्घटनाओं की आशंका वाले स्थानों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

सड़क दुर्घटनाओं के अद्यतन तुलनात्मक आंकड़ों पर भी चर्चा हुई। दुर्घटनाओं, घायलों और मृतकों की संख्या के आधार पर संवेदनशील मार्गों की पहचान कर प्रभावी कदम उठाने की जरूरत बताई गई। तीन या उससे अधिक लोगों की मौत वाली दुर्घटनाओं की संयुक्त जांच और जांच रिपोर्ट की समीक्षा पर भी जोर दिया गया, ताकि हादसों के कारणों की पहचान कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई की जा सके।

 यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई

बैठक में तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाने, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने, ओवरलोडिंग समेत अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की समीक्षा की गई। ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया और नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।

इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) वाले शहरों, एक्सप्रेस-वे और अन्य मार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। कैमरों और तकनीकी संसाधनों से यातायात नियमों का उल्लंघन पकड़ने, चालान जारी करने और संबंधित कार्रवाई की निगरानी को प्रभावी बनाने की आवश्यकता बताई गई।

सड़क सुरक्षा बैठक में स्कूली वाहनों की जांच पर जोर, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की तैयारी

जागरूकता और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर जोर

सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए वाहन चालकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने पर बल दिया गया। हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल, निर्धारित गति सीमा का पालन तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से बचने जैसे उपायों को दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस सेवाओं, अस्पतालों और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र के बीच समन्वय मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट (जेडएफडी) कार्यक्रम के तहत सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

बैठक में पिछली बैठक के निर्णयों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्देशों को समयबद्ध तरीके से लागू करने और संबंधित विभागों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

स्कूली वाहनों की फिटनेस का मामला बैठक का प्रमुख मुद्दा रहा। अब असुरक्षित वाहनों के संचालन पर रोक लगाने, फिटनेस व्यवस्था की निगरानी मजबूत करने और बच्चों की सुरक्षा के लिए नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना संबंधित विभागों के सामने महत्वपूर्ण चुनौती है।

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