प्रदूषण के विरोध में प्रस्तावित कैंडल मार्च स्थगित, फैक्ट्रियों व ग्रामीण क्षेत्रों में जांच शुरू
गोरखपुर। गीडा क्षेत्र की फैक्ट्रियों से फैल रहे प्रदूषण के विरोध में पूर्व विधायक देवनारायण सिंह उर्फ जी.एम. सिंह के आह्वान पर रविवार को प्रस्तावित कैंडल मार्च की तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच प्रशासन ने समस्या के समाधान के लिए एक माह का समय मांगा, जिसके बाद कैंडल मार्च को स्थगित कर दिया गया। प्रशासन द्वारा समय मांगे जाने के अगले ही दिन प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम सहजनवा पहुंची और फैक्ट्रियों के साथ-साथ प्रभावित ग्रामीण इलाकों में जांच शुरू की।
सहजनवा नगर पंचायत सहित आसपास के गांवों में प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। तय समय पर बड़ी संख्या में लोग रेलवे स्टेशन परिसर में एकत्र हुए थे, वहीं किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरे दिन मुस्तैद नजर आया। भीड़ जुटने के बाद नेताओं ने मंच से घोषणा की कि प्रशासन ने एक माह का समय मांगा है, इसलिए फिलहाल कैंडल मार्च स्थगित किया जा रहा है। घोषणा के बाद ग्रामीण धीरे-धीरे तितर-बितर हो गए।
मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी केशरी नंदन तिवारी ने भी प्रदूषण से मुक्ति दिलाने का आश्वासन देते हुए एक माह का समय लिया। इसके बाद आंदोलनकारियों द्वारा एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। कैंडल मार्च स्थगित होने को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।इधर, मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने गैलेंट व अंकुर उद्योग सहित अन्य इकाइयों में जांच की। साथ ही प्रदूषण से प्रभावित लोगों के घरों पर पहुंचकर भी स्थिति का आकलन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
