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गोरखपुर प्रेस क्लब में सपा की प्रेस वार्ता के दौरान हंगामा, नगीना साहनी से मारपीट का आरोप

गोरखपुर प्रेस क्लब में सपा की प्रेस वार्ता के दौरान हंगामा, नगीना साहनी से मारपीट का आरोप

 

गोरखपुर। समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान की प्रेस वार्ता शनिवार को उस समय विवादों में आ गई, जब गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में नेताओं के बीच कहासुनी के बाद मारपीट की स्थिति बन गई। विवाद के दौरान पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी के साथ हाथापाई और उन्हें थप्पड़ मारे जाने का आरोप सामने आया है। घटना के कारण प्रेस वार्ता का माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह बदल गया।

 

जानकारी के मुताबिक, प्रेस क्लब में सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई थी। इसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। पत्रकारों की मौजूदगी में कार्यक्रम चल रहा था, इसी दौरान बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि एक नेता के समर्थकों की ओर से आगे बैठने को लेकर बातचीत हुई, जिसके बाद नगीना साहनी के साथ कहासुनी हो गई।

 

कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और मामला कथित तौर पर धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गया। नगीना साहनी ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें थप्पड़ मारा गया। मौके पर मौजूद अन्य नेताओं और लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। घटना के बाद प्रेस वार्ता भी प्रभावित हुई।

 

इस पूरे घटनाक्रम की चर्चा इसलिए भी तेज हो गई क्योंकि प्रेस क्लब परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और मौके पर मौजूद पत्रकार कार्यक्रम को कैमरों से रिकॉर्ड कर रहे थे। ऐसे में घटना से जुड़े दावों की जांच उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर की जा सकती है।

प्रेस वार्ता का मुद्दा पीछे छूटा

सपा की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में लोकतंत्र और मतदान से जुड़े अभियान पर पार्टी की बात रखी जानी थी, लेकिन नेताओं के बीच हुए विवाद के बाद कार्यक्रम का केंद्र बदल गया। प्रेस क्लब में मौजूद पत्रकारों और अन्य लोगों के बीच घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई। घटना के बाद सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम ने इसे निंदनीय बताया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने मामले की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।

प्रेस क्लब की सुरक्षा पर भी उठे सवाल

घटना के बाद प्रेस क्लब में आयोजित होने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कुछ लोगों की ओर से कार्यक्रम के दौरान असलहा लेकर पहुंचने की बात कही गई है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि और पुलिस की जांच की जानकारी सामने आना बाकी है। यदि हथियार लेकर परिसर में प्रवेश किए जाने की बात सही पाई जाती है तो यह भी जांच का विषय होगा कि सुरक्षा जांच के बावजूद ऐसा कैसे हुआ। फिलहाल इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस या संबंधित प्रशासनिक जांच से ही हो सकेगी।

पार्टी और पुलिस की कार्रवाई पर नजर

घटना के बाद अब दो स्तरों पर कार्रवाई को लेकर चर्चा है। पहला, पार्टी संगठन इस मामले को लेकर क्या कदम उठाता है और दूसरा, पुलिस के स्तर पर कोई शिकायत मिलने के बाद क्या कार्रवाई की जाती है। नगीना साहनी की ओर से शिकायत किए जाने की स्थिति में सीसीटीवी फुटेज और मौके पर मौजूद लोगों के वीडियो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। वहीं, यदि असलहा संबंधी आरोप की भी जांच होती है तो पुलिस को उसके तथ्यों की पुष्टि करनी होगी।

गोरखपुर प्रेस क्लब में हुई इस घटना ने एक राजनीतिक प्रेस वार्ता को अचानक विवाद का विषय बना दिया है। अब संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान, वीडियो फुटेज और पुलिस की कार्रवाई से घटनाक्रम की आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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