नशे के खिलाफ चलेगा व्यापक अभियान, स्कूल-कॉलेजों में बनेंगे नशामुक्ति सेल
गोरखपुर। जनपद में मादक पदार्थों के सेवन, अवैध खेती, तस्करी और नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित पर्यटन भवन सभागार में हुई बैठक में एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने पुलिस, आबकारी, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एडीएम सिटी ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जाए। स्कूलों में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाने के साथ आगामी महीनों में साप्ताहिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। सभी कॉलेजों में नशामुक्ति सेल स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में गोरखपुर से कैंपियरगंज, नौतनवा और सोनौली होते हुए नेपाल तथा देवरिया के रास्ते बिहार जाने वाले मार्गों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। पोस्ता और गांजा की अवैध खेती व तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें पर्यटन स्थलों, होटल-ढाबों, चाय-पान की दुकानों और राजमार्गों पर नियमित जांच करेंगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि तस्करी में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जाए। उत्पादन, परिवहन और बिक्री में शामिल लोगों को चिह्नित कर नियमानुसार गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। मेडिकल स्टोरों का आकस्मिक निरीक्षण कर दवाओं के भंडारण और आपूर्ति की जांच करने को कहा गया। कोडीनयुक्त कफ सिरप और ट्रामाडोल जैसी दवाओं के दुरुपयोग पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए।
जीआरपी को रेल मार्ग से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए नियमित जांच और निगरानी करने को कहा गया। वहीं, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, एनसीबी, पुलिस, आबकारी और स्थानीय अभिसूचना इकाई के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और समन्वय पर जोर दिया गया।
राजमार्गों, होटल-ढाबों और चयनित स्थानों पर नशे के दुष्परिणामों से संबंधित साइन बोर्ड और नशामुक्ति संदेश लगाए जाएंगे। तहसील दिवस, थाना दिवस और स्कूल-कॉलेजों के कार्यक्रमों में भी अधिकारी नशामुक्ति का संदेश देंगे। जागरूकता अभियानों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, एनसीसी, एनएसएस और सिविल डिफेंस की सहभागिता कराई जाएगी। ऑडियो-वीडियो क्लिप और सोशल मीडिया के माध्यम से भी जागरूकता फैलाने की योजना है।
इसके अलावा नगर निगम के आईटीएमएस सेंटर से ध्वनि यंत्रों के माध्यम से मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
