मझौरा में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश, सड़क-नाली की बदहाली पर उठे सवाल
गोरखपुर/सहजनवां। सहजनवां ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मझौरा में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्राम सभा के दक्षिण टोले के लोगों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क और नाली की समस्या बनी हुई है, लेकिन शिकायतों के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
ग्रामीणों के मुताबिक, दक्षिण टोले में पक्की सड़क का अभाव है और जलनिकासी के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बारिश के दौरान रास्तों पर कीचड़ और जलभराव की समस्या बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने लगाया भेदभाव का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार सड़क और नाली निर्माण की मांग ग्राम प्रधान के सामने रखी, लेकिन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया।
इसी दौरान ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे कथित तौर पर कहा गया कि “इस मोहल्ले से वोट नहीं मिला, इसलिए यहां काम नहीं होगा।” हालांकि, यह आरोप ग्रामीणों की ओर से लगाया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्राम प्रधान का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
मस्जिद और कब्रिस्तान जाने वाला रास्ता भी खराब
ग्रामीणों के अनुसार दक्षिण टोले से मस्जिद और कब्रिस्तान तक जाने वाला मार्ग भी जर्जर स्थिति में है। खराब रास्ते के कारण स्थानीय लोगों को धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर अधिकारियों की टीम भेजकर सड़क और जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति का निरीक्षण कराया जाए।
बारिश में बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब रास्ते का असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ रहा है। बारिश के दिनों में कीचड़ और पानी के बीच बच्चों को स्कूल आने-जाने में मुश्किल होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और नाली का निर्माण होने से समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
समस्या के जल्द समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि सड़क और नाली की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ब्लॉक और तहसील कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क, नाली और मस्जिद-कब्रिस्तान तक जाने वाले रास्ते के निर्माण को प्राथमिकता देने की मांग की है। अब देखना यह है कि मझौरा के दक्षिण टोले में वर्षों से बताई जा रही इन समस्याओं पर प्रशासन कब कार्रवाई करता है।
