आईटीएम गीडा के छात्र शुभम पाण्डेय ने रचा इतिहास, अंतरराष्ट्रीय पुस्तक ‘ब्रह्माण्ड – वॉल्यूम एक’ हुई लॉन्च
गोरखपुर। इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम), गीडा के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के छात्र शुभम पाण्डेय ने अंतरराष्ट्रीय साहित्य और अंतरिक्ष इतिहास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
उनकी पहली एकल अंतरराष्ट्रीय शोध आधारित पुस्तक ‘ब्रह्माण्ड - वॉल्यूम एक: प्राचीन आकाश पर्यवेक्षकों से अंतरिक्ष युग तक - अंतरिक्ष का इतिहास (70,000 ईसा पूर्व -2026 ईस्वी)’ का सफल लोकार्पण हो गया है। यह पुस्तक अब अमेज़न और अमेज़न किंडल पर दुनिया भर के पाठकों के लिए उपलब्ध है।
करीब 570 पृष्ठों की इस शोधपरक पुस्तक में मानव सभ्यता के शुरुआती खगोलीय अवलोकनों से लेकर आधुनिक अंतरिक्ष युग तक के विकास का विस्तृत और तथ्यात्मक वर्णन किया गया है। पुस्तक में प्राचीन खगोल विज्ञान, रॉकेट तकनीक, अंतरिक्ष दौड़, चंद्र और मंगल मिशन, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तथा वर्ष 2026 तक की वैश्विक अंतरिक्ष उपलब्धियों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत किया गया है।
शुभम पाण्डेय ने इस पुस्तक के माध्यम से केवल अंतरिक्ष इतिहास को संकलित नहीं किया, बल्कि युवाओं में विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के प्रति वैज्ञानिक सोच विकसित करने का भी प्रयास किया है।
सरल भाषा और प्रमाणिक तथ्यों के कारण यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों तथा अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उपयोगी मानी जा रही है।
शुभम पाण्डेय इसरो (ISRO), नासा (NASA) और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) से रिमोट सेंसिंग, जीआईएस और अर्थ ऑब्जर्वेशन जैसे विषयों में प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुके हैं। विज्ञान और तकनीकी लेखन के प्रति उनकी रुचि ने उन्हें इस शोध आधारित पुस्तक के लेखन के लिए प्रेरित किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. एन.के. सिंह ने शुभम की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे संस्थान, गोरखपुर और उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि तकनीकी शिक्षा के साथ विद्यार्थी शोध, नवाचार और साहित्य के क्षेत्र में भी वैश्विक पहचान बना सकते हैं।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. दीप्ति ओझा, डॉ. आर.के. सिंह, डॉ. आशुतोष गुप्ता, डॉ. मनोज मिश्रा और डॉ. सुरेंद्र राय सहित विभाग के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। पुस्तक का प्रकाशन शिवोहम पब्लिकेशन हाउस द्वारा किया गया है। यह शुभम पाण्डेय की अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक यात्रा की पहली बड़ी उपलब्धि है और भविष्य में ‘ब्रह्माण्ड’ श्रृंखला के अन्य खंड भी प्रकाशित किए जाएंगे।
