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इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के छात्र ने बनाया विशेष सुरक्षा युक्त मूर्ति

इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के छात्र ने बनाया विशेष सुरक्षा युक्त मूर्ति

गोरखपुर। इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, गोरखपुर के बीटेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के छात्र अंशित श्रीवास्तव ने नवरात्रि और रामनवमी के शुभ अवसर पर आस्था और विज्ञान का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हुए एक विशेष सुरक्षा युक्त मूर्ति तैयार की है। यह मूर्ति भगवान श्रीराम और माँ दुर्गा की है, जो न केवल भजन सुनाएगी, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में घर की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी।


अंशित द्वारा निर्मित इस मूर्ति में आग लगने की स्थिति में अलार्म बजने, पड़ोसियों और पुलिस को सूचना देने तथा भजन प्रसारण की तकनीकी सुविधाएँ समाहित हैं। यह मूर्ति विशेष रूप से घर के रसोईघर में आग लगने जैसी घटनाओं से समय रहते सतर्क कर सकती है, जिससे जान-माल की हानि को रोका जा सके।

गोरखपुर।


संस्थान के निदेशक डॉ. एन. के. सिंह ने कहा,हमारे छात्र अंशित ने आस्था और टेक्नोलॉजी को जोड़कर जो नवाचार प्रस्तुत किया है, वह न केवल तकनीकी दृष्टि से उत्कृष्ट है बल्कि सामाजिक उपयोगिता की दृष्टि से भी अत्यंत सराहनीय है। यह नवाचार आज के युवा वर्ग में अनुसंधान और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करेगा। संस्थान को अपने छात्र पर गर्व है और हम भविष्य में भी ऐसे नवाचारों को हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे। इस नवाचार में फायर सेंसर, इन्फ्रारेड सेंसर, रेडियो अलार्म, रिले 5 वोल्ट मॉड्यूल, 9 वोल्ट बैटरी, चार्जिंग अलार्म और ट्रांसमीटर-रिसीवर आदि उपकरणों का प्रयोग किया गया है। मूर्ति में लगे सेंसर आग की गर्मी और लपटों को दूर से ही पहचान लेते हैं और तत्क्षण अलार्म को सक्रिय कर देते हैं।

यह प्रणाली 100 मीटर तक की दूरी पर सेंसर नेटवर्क के माध्यम से कार्य कर सकती है। इसके अतिरिक्त, यदि आग लगने की घटना उस समय होती है जब घर के लोग बाहर हों, तो यह प्रणाली मोबाइल कॉल के माध्यम से घर के मालिक को तुरंत सूचना भी देती है। मूर्ति को किसी भी सामान्य मोबाइल चार्जर से चार्ज किया जा सकता है, और यह 4 घंटे चार्जिंग के बाद 4 से 5 दिन तक कार्य करने में सक्षम है।

इस नवाचार को बनाने में लगभग ₹2500 का खर्च और 10 दिनों की कड़ी मेहनत लगी है। इसे आईटीएम गीडा के इनोवेशन लैब में संस्थान के शिक्षकों के सहयोग से तैयार किया गया।


इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया एवं संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल ने छात्र अंशित श्रीवास्तव की इस अभिनव उपलब्धि पर शुभकामनाएँ और बधाई देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।

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