जनपदीय खेलकूद में लुचुई विद्यालय प्रथम, प्रेमचंद नगर दूसरे स्थान पर
सहजनवां, गोरखपुर। विद्या भारती जन शिक्षा समिति, गोरक्ष प्रांत के निर्देश पर गोपाल शिक्षा समिति गोरखपुर के तत्वावधान में शुक्रवार को भोलाराम मस्करा स्टेडियम, सहजनवां में जनपदीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जनपद के विभिन्न विद्यालयों के शिशु, बाल, किशोर और तरुण वर्ग के करीब 180 विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
प्रतियोगिता का शुभारंभ जनपदीय खेलकूद अधिकारी एवं सरस्वती शिशु मंदिर पूर्व माध्यमिक विद्यालय, बांसगांव के प्रधानाचार्य दिवाकर शुक्ल ने प्रथम धावक एवं अन्य अधिकारियों के साथ मशाल जुलूस निकालकर किया। इसके बाद विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का विधिवत शुभारंभ हुआ।
उद्घाटन समारोह में गोपाल शिक्षा समिति गोरखपुर के जिला मंत्री राकेश कुमार मौर्य और बस्ती संभाग के संभाग निरीक्षक दिवाकर राम त्रिपाठी उपस्थित रहे। प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं अतिथियों का परिचय और स्वागत द्रौपदी देवी गीता देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लुचुई के प्रधानाचार्य अशोक कुमार मिश्र ने किया।
प्रतियोगिता के संचालन में 15 खेलकूद अधिकारियों, 19 संरक्षक आचार्यों और 10 प्रधानाचार्यों ने सहयोग किया। विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में अनुशासन, उत्साह और खेल भावना का परिचय देते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताएं शाम पांच बजे तक चलीं।

विजेता विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
पुरस्कार वितरण समारोह में जिला पंचायत सदस्य सहजनवां एवं गोपाल शिशु मंदिर सहजनवां के प्रबंधक संजय शुक्ला, जिला मंत्री राकेश कुमार मौर्य, वृजराज मिश्र, रामनजर दुबे, नीरज श्रीवास्तव, रविशंकर पाठक और मनीष पांडेय सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, आचार्य-आचार्या एवं खेलकूद अधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों ने विभिन्न स्पर्धाओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
लुचुई विद्यालय ने हासिल किया पहला स्थान
प्रतियोगिता के समग्र परिणाम में द्रौपदी देवी गीता देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लुचुई ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सरस्वती शिशु मंदिर पूर्व माध्यमिक विद्यालय, प्रेमचंद नगर ने द्वितीय और सरस्वती शिशु मंदिर पूर्व माध्यमिक विद्यालय, खजनी ने तृतीय स्थान हासिल किया।
लुचुई विद्यालय के प्रथम स्थान प्राप्त करने पर विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल रहा। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा मिला। आयोजन को सफल बनाने में सभी अधिकारियों, प्रधानाचार्यों, आचार्य-आचार्या एवं सहयोगी कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
