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आईटीएम गीडा में आइडियाथॉन-2026 का आयोजन, छात्रों ने पेश किए नवाचार आधारित समाधान

आईटीएम गीडा में आइडियाथॉन-2026 का आयोजन, छात्रों ने पेश किए नवाचारपूर्ण विचार

सहजनवा, गोरखपुर। इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम), गीडा में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, तकनीकी क्षमता और समस्या समाधान की सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘आइडियाथॉन-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘सोचें, नवाचार करें, समाधान खोजें और बदलाव लाएं’ रही।

आयोजन के दौरान विद्यार्थियों ने समाज और उद्योग से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को चिन्हित कर उनके लिए स्मार्ट, व्यावहारिक और नवाचारपूर्ण समाधान प्रस्तुत किए। विभिन्न टीमों ने सामाजिक, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, औद्योगिक और आर्थिक क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर अपने विचार निर्णायक मंडल के सामने रखे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईटीएम के निदेशक डॉ. एन.के. सिंह ने कहा कि आज के दौर में विद्यार्थियों के लिए केवल किताबी ज्ञान हासिल करना पर्याप्त नहीं है। उन्हें समस्याओं की पहचान करने, नए समाधान विकसित करने और अपने विचारों को धरातल पर उतारने की क्षमता भी विकसित करनी होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईटीएम के निदेशक डॉ. एन.के. सिंह ने कहा कि आज के दौर में विद्यार्थियों के लिए केवल किताबी ज्ञान हासिल करना पर्याप्त नहीं है। उन्हें समस्याओं की पहचान करने, नए समाधान विकसित करने और अपने विचारों को धरातल पर उतारने की क्षमता भी विकसित करनी होगी।

उन्होंने कहा कि आइडियाथॉन जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमिता की भावना को मजबूत करते हैं। इससे युवा भविष्य में केवल रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले और आत्मनिर्भर उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए संस्थान में नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आगे भी ऐसे आयोजन जारी रखने की बात कही।

कार्यक्रम में डॉ. आरके सिंह, डॉ. सुरेंद्र राय, डॉ. बीरेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. मनोज कुमार मिश्रा, डॉ. विनीत राय, डॉ. आशुतोष गुप्ता, डॉ. आशुतोष राव, श्वेता सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार चौधरी तथा पूर्व छात्र एवं उद्यमी सचिन्द्र निषाद निर्णायक मंडल के सदस्य के रूप में मौजूद रहे। निर्णायकों ने विद्यार्थियों के प्रस्तुत किए गए विचारों का मूल्यांकन किया।

आइडियाथॉन में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच के साथ तकनीकी ज्ञान, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता का भी प्रदर्शन किया। आयोजन का उद्देश्य छात्रों के विचारों को प्रोत्साहित कर उन्हें नवाचार और उसके व्यावहारिक क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञों के सामने अपने विचार रखने और उनसे मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला। साथ ही उन्हें अपने नवाचारों को भविष्य में स्टार्टअप अथवा व्यावसायिक अवसर में बदलने के लिए भी प्रेरित किया गया।

आयोजन को लेकर संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया और संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी।

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