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नगर निगम कार्यकारिणी गठन में सपा के दो पार्षद आमने-सामने, 6 सदस्य निर्विरोध निर्वाचित

वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद एक प्रत्याशी ने वापस लिया नामांकन, अब उपसभापति चुनाव पर नजर

गोरखपुर। नगर निगम गोरखपुर की नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक हलचल देखने को मिली। कार्यकारिणी सदस्य के चुनाव में समाजवादी पार्टी के दो पार्षद एक ही सीट के लिए आमने-सामने आ गए। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद एक पार्षद ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद छह सदस्यों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया।

नगर निगम बोर्ड की बैठक में कार्यकारिणी सदस्य बनने के लिए कुल सात पार्षदों ने नामांकन दाखिल किया था। इनमें वार्ड संख्या 23 के पार्षद चंद्रभान प्रजापति और वार्ड संख्या 74 के पार्षद नूर मोहम्मद, दोनों समाजवादी पार्टी से थे और एक ही सीट पर दावेदारी कर रहे थे। स्थिति को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद नूर मोहम्मद ने अपना नामांकन वापस ले लिया।

नामांकन वापसी के बाद छह पार्षद निर्विरोध कार्यकारिणी सदस्य चुने गए। इनमें वार्ड संख्या 54 से आनंद साहनी (भाजपा), वार्ड संख्या 66 से आरती सिंह (भाजपा), वार्ड संख्या 22 से राजेश कुमार (भाजपा), वार्ड संख्या 36 से राजेंद्र तिवारी (भाजपा), वार्ड संख्या 17 से रितेश सिंह (भाजपा) तथा वार्ड संख्या 23 से चंद्रभान प्रजापति (सपा) शामिल हैं। नई कार्यकारिणी में भाजपा का वर्चस्व कायम रहा, जबकि समाजवादी पार्टी को एक सदस्य का प्रतिनिधित्व मिला।

कार्यकारिणी के गठन के साथ ही अब नगर निगम के उपसभापति पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि कार्यकारिणी के सदस्यों में से ही उपसभापति का चयन किया जाएगा और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय सामने आ सकता है।

वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरा होने के साथ छह सदस्य पदमुक्त हो रहे हैं। इनमें भाजपा के उपसभापति पवन त्रिपाठी, ऋषि मोहन वर्मा, छोटे लाल यादव, श्रवण पटेल और सरोज पासवान शामिल हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के पार्षद रमेश यादव का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है।

नई कार्यकारिणी के गठन के बाद नगर निगम के विकास कार्यों, वित्तीय प्रस्तावों और महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों की जिम्मेदारी नई टीम के कंधों पर होगी। अब शहर की राजनीतिक और प्रशासनिक निगाहें उपसभापति के चुनाव और नई कार्यकारिणी की कार्यशैली पर टिकी हैं।

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