सड़क चौड़ीकरण के नाम पर करोड़ों की व्यवस्था ठप! आईटीएमएस कैमरे नहीं लगे तो पीडब्ल्यूडी पर भड़के मंडलायुक्त
गोरखपुर। शहर में सड़क चौड़ीकरण के कार्यों के दौरान स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के उपकरण हटाए जाने के बाद दोबारा स्थापित नहीं किए जाने पर मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई है। नगर निगम की शिकायत पर मंडलायुक्त सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि सरकारी धन से तैयार की गई महत्वपूर्ण व्यवस्था को इस तरह प्रभावित करना सरकारी धन का अपव्यय है। चौराहों पर पैदा हुई अव्यवस्था के लिए उन्होंने पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया।
मंडलायुक्त ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे तथा आईटीएमएस उपकरण लगाए गए हैं। इनके माध्यम से यातायात नियंत्रण, वाहनों की निगरानी और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्य किए जाते हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखने में भी यह व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके बावजूद सड़क चौड़ीकरण के दौरान कई स्थानों पर उपकरण हटाने के बाद उन्हें पुनः स्थापित नहीं कराया गया।
उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान यदि किसी दूसरे विभाग की स्थापित व्यवस्था प्रभावित होती है तो उसे लेकर पहले से समन्वय बनाना जरूरी है। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर जनसुविधाओं को बाधित छोड़ देना उचित नहीं है। जिन स्थानों पर आईटीएमएस के कैमरे और अन्य उपकरण हटाए गए हैं, वहां उन्हें निर्धारित व्यवस्था के अनुसार दोबारा स्थापित कराया जाना चाहिए था।
मंडलायुक्त ने कहा कि सरकार शहर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में विभागों के बीच तालमेल की कमी से पहले से स्थापित संसाधनों का उपयोग बंद हो जाना गंभीर लापरवाही है। इससे न केवल सरकारी धन का नुकसान होता है, बल्कि आम लोगों को मिलने वाली सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों के दौरान किसी भी विभाग की जनोपयोगी व्यवस्था बाधित न होने पाए।
उन्होंने आईटीएमएस को यातायात प्रबंधन का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि चौराहों पर लगे कैमरों से निगरानी और यातायात संचालन में मदद मिलती है। उपकरणों के दोबारा स्थापित नहीं होने से शहर की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा निगरानी पर असर पड़ता है। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।
बैठक में मंडलायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और सरकारी संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्माण कार्य के चलते पहले से उपलब्ध जनसुविधाओं को नुकसान पहुंचाना या उन्हें लंबे समय तक निष्क्रिय छोड़ना स्वीकार्य नहीं है।
बैठक में पीडब्ल्यूडी के नोडल अधिकारी एके सिंह, अपर आयुक्त प्रशासन अजय राय, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, सीओ ट्रैफिक कीर्तिनिधि आनंद सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
