गोरखपुर कमिश्नरी में अव्यवस्थित पार्किंग पर उठे सवाल, बेतरतीब खड़े वाहनों से फरियादी हो रहे परेशान
गोरखपुर।गोरखपुर कमिश्नरी परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। परिसर में कई वाहन चालक नियमों की अनदेखी करते हुए चारपहिया वाहनों को बेतरतीब तरीके से खड़ा कर रहे हैं, जिससे रोजाना आने वाले फरियादियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कमिश्नरी जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में अनुशासन और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन अवैध और अनियोजित पार्किंग के कारण मुख्य मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई बार आपातकालीन वाहनों के लिए भी रास्ता बाधित होने की आशंका बनी रहती है।
फरियादियों और कर्मचारियों को हो रही दिक्कत
प्रतिदिन कमिश्नरी में बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांगजन और अन्य फरियादी अपनी शिकायतों के समाधान के लिए पहुंचते हैं। बेतरतीब पार्क किए गए वाहनों के कारण उन्हें परिसर में आने-जाने में असुविधा होती है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद कुछ वाहन चालक नियमों का पालन नहीं करते।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी आपात स्थिति में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड या अन्य राहत वाहन को तत्काल परिसर में प्रवेश करना पड़े, तो अव्यवस्थित पार्किंग गंभीर बाधा बन सकती है। ऐसे में यह समस्या केवल यातायात तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था से भी जुड़ी हुई है।
सख्त कार्रवाई की मांग
लोगों का कहना है कि अवैध पार्किंग रोकने के लिए प्रशासन को जुर्माना, व्हील लॉक और आवश्यकता पड़ने पर टोइंग जैसी कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही पार्किंग स्थलों का स्पष्ट चिन्हांकन और दिशा-निर्देश भी सुनिश्चित किए जाने चाहिए, ताकि सभी वाहन चालक निर्धारित स्थान पर ही वाहन खड़े करें।
कमिश्नरी जैसे सार्वजनिक परिसर में अनुशासन बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। नियमों का पालन ही सुरक्षित और व्यवस्थित व्यवस्था की पहचान है।
