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यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें और दूसरों की जिंदगी भी बचाएं : एडीजी रामकुमार

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गोरखपुर। यातायात माह के तहत मंगलवार को यातायात पुलिस गोरखपुर की ओर से सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन से बाइक रैली निकाली गई। एडीजी जोन रामकुमार डीआईजी रेंज एस चनप्पा, एसएसपी डॉ कोस्तुभ ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने तथा सड़क सुरक्षा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। रैली में डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव, सी ओ यातायात कीर्ति निधि,टीआई मनोज कुमार राय, आरआई अभिजीत पांडेय, टीएसआई रामवृक्ष यादव सहित यातायात पुलिस के महिला और पुरुष आरक्षी शामिल हुए।

रैली को रवाना करने के बाद एडीजी जोन रामकुमार ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। यातायात नियम किसी को परेशान करने या उसकी स्वतंत्रता सीमित करने के लिए नहीं बनाए गए हैं, बल्कि हर व्यक्ति के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हैं। सड़क पर वाहन चलाते समय की गई छोटी सी लापरवाही भी किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है। इसलिए प्रत्येक वाहन चालक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए यातायात नियमों का पूरी गंभीरता से पालन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें। हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि दुर्घटना के समय सिर को गंभीर चोट से बचाने के लिए है। इसी तरह सीट बेल्ट दुर्घटना के दौरान जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, क्योंकि कुछ सेकेंड का ध्यान भटकना भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं और जल्दबाजी में अपनी तथा दूसरों की जिंदगी खतरे में न डालें।

एडीजी ने कहा कि शराब अथवा किसी भी प्रकार के नशे की हालत में वाहन चलाना गंभीर खतरा है। सड़क पर अपनी लेन में चलें, गलत दिशा में वाहन न चलाएं और दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने से बचें। स्टंटबाजी, मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित करता है, बल्कि दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करता है। वाहन चालकों को लाल बत्ती पर रुकना चाहिए, पीली बत्ती देखकर सावधान रहना चाहिए और हरी बत्ती होने पर रास्ता सुरक्षित देखकर ही आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे सड़क पर किसी प्रकार की प्रतिस्पर्धा या स्टंटबाजी न करें। वाहन चलाते समय वैध ड्राइविंग लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेज अपने पास रखें। स्कूल, अस्पताल और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सावधानी बरतें। सड़क पार करने वाले लोगों को जेब्रा क्रॉसिंग का इस्तेमाल करना चाहिए। एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों को तत्काल रास्ता देना हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करने की आदत परिवार से शुरू होनी चाहिए। अभिभावक स्वयं हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें, ताकि बच्चे भी उनसे सीख लें।

एडीजी ने कहा कि यातायात माह का उद्देश्य केवल जागरूकता रैली निकालना या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि लोगों के व्यवहार में स्थायी बदलाव लाना है। यातायात पुलिस को चाहिए कि वह जागरूकता अभियान को स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचाए, ताकि अधिक से अधिक लोग सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाई जा सकती है। हमारा संकल्प होना चाहिए कि हम स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।

बाइक रैली के माध्यम से यातायात पुलिस ने लोगों को संदेश दिया कि स्टंट करना खतरनाक है, दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनें, चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें, नशे में वाहन न चलाएं और अनावश्यक हॉर्न न बजाएं। रैली के जरिए यह भी अपील की गई कि यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित अपने घर पहुंचें।

यातायात पुलिस की ओर से स्कूली बच्चों को भी जागरूक करने के लिए विशेष संदेश दिया गया। इसमें सुरक्षित बच्चा, सुरक्षित परिवार और सुरक्षित समाज की अवधारणा पर जोर दिया गया। बच्चों को ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग, सड़क पार करने के सुरक्षित तरीके और वाहन में सीट बेल्ट के महत्व के बारे में जानकारी देने की अपील की गई।

यातायात पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सड़क सुरक्षा को अपनी आदत बनाएं। नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें और दूसरों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें। यातायात संबंधी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 8081208567 जारी किया गया है। यातायात पुलिस का संदेश है कि सड़क सुरक्षा ही जीवन रक्षा है। सुरक्षित गोरखपुर, समृद्ध गोरखपुर के संकल्प को साकार करने के लिए सभी नागरिक यातायात नियमों का पालन करें।

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